खाद्य सुरक्षा अधिनियम को लागू न करे सरकार: फारूक
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राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कांफ्रेंस के मुख्य संरक्षक डा. फारूक अब्दुल्ला ने नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट को तत्काल स्थगित करने पर जोर दिया है। श्रीनगर में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्ट को अवाम पूरी तरह से खारिज कर चुकी है।
रियायती दरों पर राशन की सुविधा से बड़ी तादाद में लोगों को वंचित रखा जा रहा है। लोगों में गुस्सा है। यदि इसे लागू किया जाता है तो लोग सड़कों पर विरोध जताते नजर आएंगे।
इससे पहले कि गतिरोध उभरे सरकार को तत्काल इसे स्थगित कर वर्ष 2011 जनगणना के आधार पर सभी परिवारों को 35 किलोग्राम की दर से राशन वितरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कश्मीर संभाग में आई बाढ़ से लोग अभी तक नहीं उभर पाए हैं। राज्यपाल को फौरन इस बाबत कदम उठाना होगा।
एक्ट लागू करने की तैयारी
रियासत में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम को लागू करने को राज्यपाल शासन तैयार है। 19 जिलों से डाटा बैंक का काम पूरा हो चुका है। केवल खराब मौसम और बर्फबारी के चलते लेह, कारगिल में डाटा बैंक पर काम अभी पूरा किया जाना बाकी है।
श्रीनगर में भी अभी डाटा बैंक पर काम चल रहा है। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राज्यपाल एनएन वोहरा स्वयं अधिनियम के तहत राशन वितरण का आगाज कर सकते हैं। केंद्र सरकार से रियासत को 34090.90 टन सब्सिडी वाले राशन का कोटा आवंटित हो चुका है।
एएवाई और प्राथमिकता वर्ग के 74 लाख लाभार्थियों में से विभाग ने 71 लाख से ज्यादा लाभार्थियों के 19 जिलों का डाटा अब तक अपलोड कर दिया है। विभाग को ई राशन टिकट वितरण के लिए शेड्यूल तैयार किया जा रहा है।