छह महीने जम्मू से चलेगा शासन, आम लोगों के लिए दो घंटे रोज खुलेगा दरबार
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जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद सरकार का पहला दरबार सोमवार को जम्मू में सज गया। सुबह साढ़े नौ बजे उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू सचिवालय पहुंचे और गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। खास बात यह होगी कि आम लोगों के लिए आज यानी कि सोमवार से दरबार दो घंटे के लिए खुलेगा। दोपहर दो बजे से शाम चार बजे तक कोई भी नागरिक अपनी फरियाद लेकर दरबार में पहुंच सकता है। अवकाश के दिनों को छोड़कर अन्य दिनों में यह व्यवस्था प्रभावी रहेगी।
इस दौरान आम नागरिक अपनी समस्याओं को लेकर विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिवों से मुलाकात कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें सचिवालय गेट पर पास बनवाकर अंदर जाने की अनुमति होगी। विधानसभा सचिवालय में इस बार नेताओं की रौनक नहीं होगी।
विधानसभा पहले ही भंग है। विधान परिषद का अस्तित्व भी केंद्र शासित प्रदेश बनने के साथ समाप्त हो गया है। ऐसे में राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के कम संख्या में पहुंचने की उम्मीद है। पहले जब निर्वाचित सरकार होती थी, तब मुख्यमंत्री के साथ मंत्रियों व अन्य नेताओं की मौजूदगी रहती थी।
सरकार नए सिरे से फरियादियों के मिलने का समय तय करने पर विचार कर रही
केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद सबसे खास बात रही कि दरबार खुलने पर नागरिक सचिवालय की इमारत पर पहली बार केवल राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा ही फहराता दिख रहा है। इससे पहले की परंपरा और नियमों के मुताबिक सचिवालय भवन पर तिरंगे के साथ राज्य का झंडा भी फहराया जाता था।
जम्मू में दरबार सजने के बाद अब उपराज्यपाल मुर्मू नागरिक सचिवालय में अपने नए कार्यालय से शासन की बागडोर संभालेंगे। उनके लिए पूर्व मुख्यमंत्री के चैंबर को तैयार किया जा रहा है। वह अपने आवास राजभवन से भी कामकाज देखेंगे। इसके लिए एस्टेट विभाग ने प्रबंध पूरे कर लिए हैं।
सरकार नए सिरे से फरियादियों के मिलने का समय तय करने पर विचार कर रही है। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद इस बारे में जल्दी ही अधिसूचना जारी की जा सकती है। - फारूक अहमद लोन, सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग