जम्मू-कश्मीर: नगरोटा में सितंबर से होगा गोसदन का काम, एक साथ हजारों पशुओं को रखने की व्यवस्था
वन विभाग की भूमि को चरागाह के छोड़कर नगर निगम अपनी 50 कनाल जमीन में प्रोजेक्ट तैयार करेगा। प्रोजेक्ट को दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यहां पर एक साथ हजारों पशुओं को रखा जा सकेगा। शहर में लावारिस घूमने वाले पशु भी यहां रखे जाने हैं।
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जम्मू के नगरोटा में बनाए जा रहे गोसदन का निर्माण कार्य सितंबर से शुरू हो जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। इस पर पहले चरण में दस करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह राशि तीन चरणों में खर्च होगी। पहले वन विभाग की भूमि बीच में आने से काम रुक गया था। अब तय शर्तों के अनुसार वन विभाग की जमीन सिर्फ चारागाह के लिए प्रयोग में लाई जाएगी। हालांकि यहां पर चारदीवारी नगर निगम ही लगाएगा। इसके अंदर पशु रखे जाएंगे।
गोसदन में डेयरी, पशु डिस्पेंसरी, धूप यूनिट समेत कई यूनिटें बनाई जानी हैं। यहां से दूध भी पूरे शहर को सप्लाई किया जाना है। पहले चरण में पांच करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके बाद दूसरे चरण में तीन और तीसरे में दो करोड़ रुपये खर्च होने हैं। गोसदन कुल 50 कनाल में बनाया जाएगा। इसके लिए डिजाइन को पहले ही मंजूरी मिल गई है। पहले 100 कनाल जमीन पर डिजाइन तैयार किया था।
गोसदन निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। सितंबर माह से काम शुरू कर दिया जाएगा। 50 कनाल जमीन पर गौसदन बनना है। - डॉ. सुशील कुमार, वेटनरी अधिकारी, नगर निगम
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