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प्लेटलेट्स के लिए नहीं भटकेंगे गंभीर मरीज
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 28 Dec 2014 10:51 AM IST
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कैंसर, डेंगू बुखार, सड़क हादसों और अन्य गंभीर मरीजों के लिए राहत की बात है। जीएमसी के ब्लड बैंक में आधुनिक एफेरासिस मशीन से प्लेटलेट्स बनाने की सुविधा शुरू की गई है। संभाग के दस जिलों में अपनी तरह की इस आधुनिक सुविधा की खासियत यह है कि प्लेटलेट्स के लिए रक्तदाता के शरीर से सिर्फ प्लेटलेट्स लिए जाएंगे जबकि खून को वापस शरीर में डाल दिया जाएगा।
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इससे वह हफ्ते में दोबारा प्लेटलेट्स देने के लिए तैयार हो सकता है। ब्लड बैंक के एचओडी डा. विजय साहनी के अनुसार एफेरासिस सुविधा से गंभीर मरीजों को काफी राहत मिल रही है। इस सुविधा में एक ही बार में मशीन पचास हजार तक प्लेटलेट्स तैयार कर लेती है।
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इसमें रक्तदाता की एक ही बाजू से खून लेकर मशीन प्लेटलेट्स निकाल लेती है और करीब 60-80 मिनट की इस प्रक्रिया के बाद दोबारा खून को रक्तदाता के शरीर में डाल देती है। इसमें खून के साथ आरबीसी, प्लाज्मा आदि नष्ट नहीं होते हैं।
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संभाग स्तर पर अभी तक लाखों की आबादी को प्लेटलेट्स सुविधा के लिए एसएमजीएस अस्पताल की कंपोनेंट लैब पर ही निर्भर रहना पड़ रहा था। लेकिन यहां लगाई मशीन एक प्रक्रिया में सिर्फ पांच हजार प्लेटलेट्स ही तैयार कर पाती है। पिछले साल जम्मू, सांबा, अखनूर में 1500 से अधिक डेंगू के रिकार्ड पाजिटिव मामले सामने आए थे।
पीड़ितों को सबसे ज्यादा प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ी थी। इसके लिए सभी पीड़ितों को एसएमजीएस अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ा था। अस्पतालों में प्लेटलेट्स की बढ़ती मांग को देखते हुए जीएमसी में आधुनिक एफेरासिस मशीन की सुविधा शुरू की गई है।