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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   GOC Chinar Corps: Women will have to play an active role in stopping terrorism, only then the country will be safe

जीओसी चिनार कोर: आतंकवाद रोकने में महिलाओं को निभानी होगी सक्रिय भूमिका, तभी देश होगा सुरक्षित

Fri, 27 Aug 2021 09:26 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Fri, 27 Aug 2021 09:26 PM IST
सार

भारतीय सेना ने श्रीनगर में मनाया अंतरराष्ट्रीय महिला समानता दिवस। जीओसी बोले, देश के दुश्मनों से अपने बच्चों को बचाए रखना करना होगा सुनिश्चित।
 

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GOC Chinar Corps: Women will have to play an active role in stopping terrorism, only then the country will be safe
जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

श्रीनगर स्थित चिनार कोर (15 कोर) के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने महिलाओं से आतंकवाद को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। देश के दुश्मनों से अपने बच्चों को बचाए रखना सुनिश्चित करने को कहा। वे अपने बच्चों पर बराबर नजर रखें। वे अंतराष्ट्रीय महिला समानता दिवस पर सेना की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इसमें काफी संख्या में महिलाओं की भागीदारी रही।   

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लेफ्टिनेंट जनरल पांडे ने कहा कि महिलाएं हमारे समाज में चल रही सभी गलत प्रथाओं पर सवाल उठाकर सक्रिय भूमिका निभा सकती हैं। उन्हें उन पुरुषों से सवाल करना चाहिए जो अपने छोटे बच्चों के हाथों में बंदूकें देते हैं। अधिकांश पुरुष डर के कारण इन मुद्दों के खिलाफ नहीं बोल पाते, लेकिन महिलाएं हमेशा अपने परिवार की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार होती हैं। जब वे बोलती हैं, तो चीजें लोगों के ध्यान में आती हैं।
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आज महिला समानता दिवस पर महिलाएं ये प्रण लें कि दुश्मनों से अपने देश, समाज और अपने बच्चों की रक्षा करनी है। सैन्य कमांडर ने कहा कि आजकल देखने को मिलता है कि महिलाएं हर क्षेत्र में भाग ले रही हैं, लेकिन हम उन्हें उचित श्रेय नहीं देते। हमें उनके काम को महत्व देना चाहिए और उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए। कश्मीर में सेब के बागों में भी कई महिलाएं काम करती हैं। एक सर्व-महिला बैंड भी था जिसे किसी कारण से प्रतिबंधित कर दिया गया।
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अब कश्मीरी महिलाएं भी सक्रिय रूप से कारोबार में उतर रही हैं। बहुत सी महिलाएं अपने कैफे और रेस्तरां खोल रही हैं। कार्यक्रम में प्रदर्शन करने वाले कलाकारों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि युवा उत्साही कलाकारों को अपने प्रदर्शन से लोगों को मंत्रमुग्ध करते हुए देखकर बहुत अच्छा लगा।

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स्थानीय लोगों ने सेना के कार्यक्रम की सराहना की
सेना की ओर से महिला समानता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम की स्थानीय निवासियों ने प्रशंसा की। स्थानीय मंशा बशीर ने कहा कि महिला और पुरुष समान हैं और लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।

यहां तक कि कश्मीरी महिलाएं भी सेना में शामिल हो रही हैं और आईएएस, आईपीएस अधिकारी बन रही हैं, जो दर्शाता है कि किसी व्यक्ति की क्षमताओं को उनके लिंग के आधार पर कम करके नहीं आंका जा सकता है।

एक अन्य स्थानीय इकबाल फारूक ने कहा कि कार्यक्रम ने हमें प्रोत्साहित किया क्योंकि हमें बताया गया था कि लड़के और लड़कियों में कोई अंतर नहीं है। आमतौर पर लड़कियों की क्षमताओं को कम आंका जाता है, लेकिन इस कार्यक्रम में भाग लेने के बाद मुझे अच्छा लगा, जहां लैंगिक समानता को बढ़ावा दिया गया था।

नादिया निघाट ने कहा, आजकल हमें बताया जाता है कि पुरुषों और महिलाओं के बीच कोई अंतर नहीं है। लेकिन व्यावहारिक रूप से अगर हम देखें, तो देश भर में ऐसी कई बेटियां हैं जिन्हें अपने परिवार से, समाज से समर्थन नहीं मिल रहा है। उम्मीद है कि लोग अपनी बेटियों को उनके बेटों के समान मानेंगे और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने में मदद करेंगे।
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