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घर छोड़ने के लिए शहर में दें 15 मरला भूमि
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सांबा। जम्मू-कश्मीर जाट सभा के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को डिवीजल कमिश्नर संजीव वर्मा से भेंट कर समुदाय के उन लोगों को मुआवजा देने की मांग की, जिन्हें घर छोड़ने को कहा गया है।
पूर्व मंत्री और ऑल जम्मू एंड कश्मीर जाट सभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मंजीत सिंह ने बताया कि हमने डिवकॉम से मुलाकात कर हर संभव मदद की मांग की है। सिंह ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि इस बात की जांच की जानी चाहिए कि एयरपोर्ट के विस्तार के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने उस भूमि के टुकड़े का चयन किया है, जहां 1947 और 1965 में पहले विस्थापित हुए अधिकांश गरीब लोगों को फिर से रखा गया है।
उन्हें सुंजवां में स्थानांतरित करने के बजाय जम्मू नगर सीमा में भूमि दी जानी चाहिए। उनको वहां से हटाना गरीब परिवारों के साथ अन्याय है, जिन्होंने मुश्किल हालात में पैसे कमा कर घर बनाए। उन्होंने कहा कि उन्हें छह मरला भूमि पर सुंजवां में नहीं बसाया जाना चाहिए यह अपर्याप्त है। कम से कम 15 मरले जमीन नगरपालिका की सीमा में देनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री चौधरी सुखनंदन, एमएलसी सुरिंदर चौधरी, एमएलसी विक्रम रंधावा, नगर निगम के पार्षद द्वारका चौधरी, तरनजीत सिंह टोनी और सरदार दलीप सिंह समोत्रा शामिल थे।
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पूर्व मंत्री और ऑल जम्मू एंड कश्मीर जाट सभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मंजीत सिंह ने बताया कि हमने डिवकॉम से मुलाकात कर हर संभव मदद की मांग की है। सिंह ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि इस बात की जांच की जानी चाहिए कि एयरपोर्ट के विस्तार के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने उस भूमि के टुकड़े का चयन किया है, जहां 1947 और 1965 में पहले विस्थापित हुए अधिकांश गरीब लोगों को फिर से रखा गया है।
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उन्हें सुंजवां में स्थानांतरित करने के बजाय जम्मू नगर सीमा में भूमि दी जानी चाहिए। उनको वहां से हटाना गरीब परिवारों के साथ अन्याय है, जिन्होंने मुश्किल हालात में पैसे कमा कर घर बनाए। उन्होंने कहा कि उन्हें छह मरला भूमि पर सुंजवां में नहीं बसाया जाना चाहिए यह अपर्याप्त है। कम से कम 15 मरले जमीन नगरपालिका की सीमा में देनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री चौधरी सुखनंदन, एमएलसी सुरिंदर चौधरी, एमएलसी विक्रम रंधावा, नगर निगम के पार्षद द्वारका चौधरी, तरनजीत सिंह टोनी और सरदार दलीप सिंह समोत्रा शामिल थे।
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