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गुलाम नबी आजाद बोले: खरगे नहीं, राहुल गांधी हैं कांग्रेस के कैप्टन , अब भी रिमोट से चल रही पार्टी
Thu, 06 Apr 2023 12:17 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/नई दिल्ली
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Thu, 06 Apr 2023 12:17 PM IST
सार
गुलाम नबी आजाद ने कहा कि वह सिर्फ राहुल के अच्छे स्वास्थ्य और उनके राजनीतिक रूप से सफल होने की कामना कर सकते हैं। आगे कैसे बढ़ना है, यह उन पर निर्भर करता है।
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Ghulam Nabi Azad
- फोटो : ANI
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विस्तार
पूर्व कांग्रेस नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कांग्रेस अब भी रिमोट कंट्रोल से संचालित हो रही है। उन्होंने कहा कि भले ही राहुल गांधी के पा कोई पद नहीं है लेकिन हर कोई जानता है कि वह कांग्रेस के कैप्टन हैं न कि मल्लिकार्जुन खरगे। साथ ही आरोप लगाया कि अनुभवहीन चापलूसों की नई मंडली पार्टी का कामकाज संभाल रही है।
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अपनी आत्मकथा ‘आजाद : एक आत्मकथा’ के विमोचन से पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री ने अपनी पूर्व पार्टी के साथियों के साथ दिक्कतों पर बात करने से इन्कार कर दिया। आजाद ने पिछले साल कांग्रेस पार्टी छोड़कर अपनी पार्टी डेमोक्रेटिक प्रोगेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) बनाई थी। उन्होंने कहा कि वह अतीत में जितना जाते, उतनी ही कड़वाहट सामने आती है और पार्टी से बाहर निकलने के बाद से वह इसमें नहीं पड़ना चाहते।
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उन्होंने कहा कि वह जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, संजय गांधी, राजीव गांधी और सोनिया गांधी का काफी सम्मान करते हैं। साथ ही स्वीकार किया कि राहुल गांधी के साथ उनके राजनीतिक मतभेद हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के तौर पर राहुल एक अच्छे इंसान हैं। हमारे कुछ राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन वे राजनीतिक मुद्दे हैं, जो कांग्रेस में रहने के समय उनके साथ थे।
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उन्होंने कहा कि वह सिर्फ राहुल के अच्छे स्वास्थ्य और उनके राजनीतिक रूप से सफल होने की कामना कर सकते हैं। आगे कैसे बढ़ना है, यह उन पर निर्भर करता है। वह जानते हैं कि विषम परिस्थितयों से कैसे बाहर निकलना है। राजनीति मुश्किल हालात से गुजरने की एक कला है। उन्होंने कहा कि भले ही अभी राहुल गांधी के पास कोई पद नहीं हो, लेकिन हर कोई जानता है कि वह जहाज (कांग्रेस) के कैप्टन हैं। हर व्यक्ति जानता है कि पार्टी में फैसले कौन ले रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बंगलूरू में कांग्रेस कार्य समिति की बैठक करना चाहेंगे, तो कोई नहीं जाएगा…इसलिए वह यह कामना करते हैं कि राहुल गांधी जहाज (पार्टी) का परिचालन करें।
उन्होंने अपनी किताब में कई ऐसे वाकयों का जिक्र किया है जिनमें उनके राहुल के साथ मतभेद रहे थे। खासकर अगस्त 2020 में कांग्रेस के 23 नेताओं के तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखे जाने के बाद। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी के नेतृत्व ने कांग्रेस के सलाहकारी तंत्र को न केवल पूरी तरह से नष्ट करने में भूमिका अदा की बल्कि इसने पार्टी का कामकाज संभालने के लिए अनुभवहीन चापलूसों की एक नई मंडली को भी बढ़ावा दिया।
उन्होंने कहा कि रिमोट कंट्रोल मॉडल ने पार्टी की संस्थागत अखंडता को इस हद तक बर्बाद कर दिया कि इसके नेतृत्व को संभालने के लिए प्रॉक्सी को आगे बढ़ाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि यह एक असीमित विवरण था कि कैसे सबसे पुरानी पार्टी ने भारत के लिए जो सही है, उसके लिए लड़ने की इच्छा और क्षमता दोनों खो दी थी।
अपना असली चरित्र दिखा रहे आजाद : कांग्रेस
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आजाद पर पलटवार करते हुए कहा कि पूर्व कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद कांग्रेस सिस्टम और पार्टी नेतृत्व के बड़े लाभभोगी रहे हैं। लेकिन अब हर गुजरते दिन के साथ वह प्रमाण देते हैं कि इस उदारता के वह योग्य नहीं थे। वह अपना असली चरित्र दिखा रहे हैं, जिसे उन्होंने इतने लंबे समय तक छुपा कर रखा था।
वहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि गुलाम नबी भाईजान आप कांग्रेस को क्या एक्सपोज और नष्ट करेंगे, पहले कश्मीर में अपनी पार्टी को तो बचा लीजिए। 40 साल कांग्रेस में रहकर आपने पार्टी के साथ दगा कर दिया...अब भाजपा और मोदी की बैसाखियों के सहारे क्या हासिल कर लेंगे।