कश्मीर में बोले गुलाब नबी: वोट के लिए जनता को बेवकूफ नहीं बनाएंगे, 370 कोई भी पार्टी वापस नहीं दिला सकती
गुलाम नबी आजाद ने जम्मू का दौरा पूरा करने के बाद रविवार को कश्मीर के बारामुला में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि वह अनुच्छेद 370 का मुद्दा नहीं उठा रहे हैं। लेकिन जब यह बिल लाया गया था तो उन्होंने विरोध किया था। मैं तब विपक्ष का नेता था जिसने 4 घंटे जमीन पर धरना-प्रदर्शन किया। 370 पर मेरे भाषण को कम से कम 200 देशों ने देखा है, अगर नहीं देखा तो उन्हें आंखों के डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
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कांग्रेस से अलग हुए गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि वह अनुच्छेद 370 पर लोगों को गुमराह नहीं करेंगे। क्योंकि यह सच्चाई है कि संसद में दो तिहाई बहुमत वाली सरकार ही इसे बहाल कर सकती है। उन्होंने कहा - आजाद जानता है कि क्या किया जा सकता है और क्या नहीं। मैं, कांग्रेस या तीन क्षेत्रीय दल इसे नहीं दिला सकते हैं। न ही तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, न ही डीएमके और न ही राष्ट्रवादी कांग्रेस प्रमुख शरद पवार। उन्होंने कहा कि वह ऐसा कोई मुद्दा नहीं उठाएंगे जिस पर उनका नियंत्रण न हो।
पांच दशक पुराना रिश्ता तोड़ते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया था
गुलाम नबी आजाद जम्मू का दौरा पूरा करने के बाद रविवार को कश्मीर के बारामुला में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। आजाद ने 26 अगस्त को कांग्रेस से पांच दशक पुराना रिश्ता तोड़ते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया था और राहुल गांधी को कांग्रेस को पहुंची क्षति के लिए जिम्मेदार ठहराया था। बारामुला डाक बंगला में आयोजित सभा में आजाद ने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि वे अनुच्छेद 370 का मुद्दा नहीं उठा रहे हैं। लेकिन जब यह बिल लाया गया था तो उन्होंने विरोध किया था। मैं तब विपक्ष का नेता था जिसने 4 घंटे जमीन पर धरना-प्रदर्शन किया।
मैं यहां वोट के लिए लोगों को बेवकूफ बनाने नहीं आया हूं
370 पर मेरे भाषण को कम से कम 200 देशों ने देखा है, अगर नहीं देखा तो उन्हें आंखों के डॉक्टर के पास जाना चाहिए। जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी के आरोप पर कि आजाद ने बिल के समर्थन में वोट दिया था पर कहा कि उन्हें पहले जानना चाहिए कि संसद कैसे काम करती है। उन्होंने बिल के खिलाफ मतदान किया था। कहा कि मैं यहां वोट के लिए लोगों को बेवकूफ बनाने नहीं आया हूं। इस दुविधा में हमने एक लाख युवाओं को खो दिया है।
पिछले 10 सालों से कांग्रेस को 85 से ज्यादा सीटें नहीं मिलीं। राज्यसभा में उसकी स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। मैं नहीं समझता कि कांग्रेस लोकसभा में कभी 350 सीटें जीत पाएगी। ऐसे में जनता को गुमराह क्यों किया जाए। मैं लोगों को चांद-तारे दिलाने के सपने नहीं दिखा सकता।
नई पार्टी 10 दिनों में, विचारधारा स्वतंत्र होगी, न किसी से गठबंधन न विलय
गुलाम नबी आजाद ने कहा कि वे 10 दिनों में नई पार्टी के गठन की घोषणा करेंगे। नई पार्टी की विचारधारा बिल्कुल स्वतंत्र होगी। नई पार्टी न तो किसी संगठन या पार्टी के साथ गठबंधन करेगी और न ही विलय। यह उनके जिंदा रहते संभव नहीं है। केवल उनकी मौत के बाद ही ऐसा संभव है। जम्मू-कश्मीर को राज्य के दर्जे की बहाली और रोजगार व भूमि पर स्थानीय लोगों के हक को सुरक्षित करना उनकी पार्टी का मुख्य एजेंडा रहेगा।
नई पार्टी उनके नाम की तरह आजाद होगी
आजाद ने अपने समर्थकों व सहयोगियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी पार्टी विकास उन्मुख होगी। स्थानीय लोगों को रोजगार के मौके मुहैया करवाना एजेंडे में शामिल किया गया है। कहा कि नई पार्टी उनके नाम की तरह आजाद होगी। यह विचारधारा और सोच के स्तर पर। मेरे कई सहयोगियों ने पार्टी का नाम आजाद रखने की सलाह दी है, लेकिन मैंने हमेशा इन्कार किया है। उन्होंने कहा वह किसी पार्टी चाहे वह राष्ट्रीय है या स्थानीय उसके खिलाफ नहीं है। विभिन्न पार्टियों में उनके मित्र हैं।
मैं केवल गुलाम नबी, नबी का गुलाम हूं
उन्होंने कहा कि प्रदेश में जहां भी मेडिकल कॉलेज होगा, वहां मेरा नाम का पत्थर होगा, हालांकि बहुतों ने इसे बदल दिया है। कई लोग आरोप लगाते हैं कि मैं भाजपा का आदमी हूं, लेकिन मैं केवल गुलाम नबी, नबी का गुलाम हूं।
तुम मेरा साथ दो मैं तुम्हें खून दूंगा
उन्होंने कहा कि जब तक वह जिंदा हैं उनके विचार जिंदा रहेंगे। मेरी सोच को मारने के लिए मुझे मारना होगा। मैं कभी भी हिंसा और धर्म के नाम पर वोट नहीं मांगूंगा। उन्होंने जनसभा में स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस को याद करते हुए कहा कि सुभाष चंद्र बोस ने कहा था- तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा। मैं कहता हूं कि तुम मेरा साथ दो मैं तुम्हें खून दूंगा। प्रदेश में रोजगार और जमीन को बचाने के लिए संसद की जरूरत नहीं है। यह जनता के माध्यम से चुनी हुई सरकार द्वारा किया जा सकता है।