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Lok Sabha Election: गुलाम नबी ने कहा- जम्मू कश्मीर राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए लड़ने जा रहे चुनाव
Wed, 03 Apr 2024 06:24 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Wed, 03 Apr 2024 06:24 PM IST
सार
आजाद ने कहा कि लोकसभा चुनाव लड़ने के उनके पास कई कारण हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर के लोगों की नौकरियों और जमीन की सुरक्षा करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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गुलाम नबी आजाद
- फोटो : एजेंसी
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विस्तार
डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के संस्थापक गुलाम नबी आजाद ने बुधवार को कहा कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लिए राज्य का दर्जा बहाल करने और प्रदेश में भूमि और नौकरी के अधिकारों की सुरक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखने के लिए आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है। गुलाम नबी अनंतनाग-राजोरी सीट से चुनाव लड़ेंगे।
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आजाद ने 2022 में कांग्रेस छोड़ कर पार्टी के साथ अपने पांच दशक लंबे जुड़ाव को समाप्त कर दिया था। इसके बाद उन्होंने डीपीएपी का गठन किया। उन्होंने कहा, 'ऐसी अटकलें हैं कि जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा, लेकिन दिल्ली और पुडुचेरी की तर्ज पर जहां एलजी को मुख्यमंत्री और उनकी सरकार द्वारा किए गए हर फैसले को मंजूरी देनी होगी। यह गुलाम नबी आज़ाद को स्वीकार्य नहीं है। शायद, यह जम्मू-कश्मीर के किसी भी हिंदू, मुस्लिम, सिख, गुज्जर या पहाड़ी को स्वीकार्य नहीं होगा।'
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आजाद ने कहा कि लोकसभा चुनाव लड़ने के उनके पास कई कारण हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर के लोगों की नौकरियों और जमीन की सुरक्षा करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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उन्होंने कहा, 'हमें पूर्ण राज्य का दर्जा चाहिए। इसके बाद विधानसभा कानून पारित कर सकती है जो केवल राज्य के लोगों के लिए नौकरियां आरक्षित करेगी जबकि बाहरी लोग यहां जमीन नहीं खरीद सकते।' आजाद ने कहा कि वह जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए एक सांसद के रूप में अपने 40 वर्षों के अनुभव और प्रभाव का उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा, 'मैंने राज्यसभा में देश के लोगों के लिए लड़ाई लड़ी है, चाहे वह कांग्रेस सरकार हो या भाजपा सरकार। मुझे लगता है कि लोकसभा में एक और लड़ाई की जरूरत है।'
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला द्वारा चुनाव लड़ने के लिए आज़ाद के निर्वाचन क्षेत्र पर आश्चर्य व्यक्त करने पर प्रतिक्रिया देते हुए आजाद ने कहा, “यह मेरा राज्य है। किसी के लिए भी यह कहना गलत होगा कि आप बाहरी हैं... हम सभी भारतीय हैं।'
उमर ने कहा, 'मैंने अपना पहला चुनाव महाराष्ट्र से लड़ा, दूसरा और तीसरा चुनाव भी महाराष्ट्र से ही लड़ा… उमर शायद उस समय स्कूल में थे। यहां (जम्मू-कश्मीर) हम आसपास के जिलों के बारे में बात कर रहे हैं। मैं किसी के रास्ते में नहीं आ रहा हूं। मेरे पास एक राजनीतिक दृष्टिकोण है, मेरे पास लड़ने के लिए एक राजनीतिक उद्देश्य है। अगर इससे किसी को परेशानी हो तो मैं क्या कर सकता हूं।'
इस आरोप पर कि वह भाजपा सहित किसी भी पार्टी से हाथ मिला सकते हैं, आजाद ने कहा, 'जो लोग गुलाम बनना चाहते हैं (लोगों के) जो शरण की तलाश में हैं। मैं नबी (पैगंबर) का गुलाम हूं और मुझे किसी के साथ जाने की जरूरत नहीं है।'