जम्मू-कश्मीरः तीन दिवसीय दौरे पर आजाद, पार्टी कार्यकर्ता बोले- बीडीसी चुनाव में भाजपा ने तंग किया
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केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद पहली बार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा में नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद बुधवार को जम्मू संभाग के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे। उन्होंने रामबन जिले के बटोत और डोडा क्षेत्र में पार्टी कैडर और बीडीसी चेयरमैनों के साथ बैठकें कर कई मुद्दों पर चर्चा की।
प्रदेश अध्यक्ष जीए मीर अनुमति न मिलने के कारण आजाद के साथ दौरे पर नहीं जा पाए। पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें अपनी मांगों से अवगत कराया। इस पर आजाद ने भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को संसद के समक्ष रखने के साथ जम्मू-कश्मीर प्रदेश के उपराज्यपाल से चर्चा करेंगे। गुरुवार को आजाद भद्रवाह के दौरे पर पहुंचेंगे।
जम्मू एयरपोर्ट पर सुबह पहुंचे गुलाब नबी आजाद सड़क मार्ग से बटोत के लिए रवाना हुए। यहां दोपहर एक बजे पार्टी कार्यकर्ताओं और बीडीसी चेयरमैनों के साथ बैठक की। पार्टी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बीडीसी चुनाव में भाजपा की ओर से उन्हें तंग किया गया। उनके कार्यकाल में जो काम शुरू किए गए थे, उन्हें गति नहीं दी गई है।
आजाद ने डोडा सड़क हादसे पर जताया दुख
उन्होंने बटोत के आगे बग्गर, कनेरी नाला स्थानों पर भी पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इसके बाद आजाद सड़क मार्ग से डोडा के लिए रवाना हो गए। उन्होंने गत दिवस डोडा सड़क हादसे के घटनास्थल का भी दौरा किया। आजाद ने इस दर्दनाक हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि सरकार को भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए उचित नीति बनानी चाहिए। शाम को डोडा डाक बंगला पर आजाद के साथ किश्तवाड़, गंदोह, डोडा आदि क्षेत्रों के शिष्टमंडलों ने मुलाकात की।
इससे पूर्व उन्होंने डोडा मेडिकल कॉलेज का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। आज यानी कि गुरुवार को वह भद्रवाह दौरे के बाद रामबन चंद्रकोट बग्लिहार प्रोजेक्ट में गेस्ट हाउस में रात्रि विश्राम करेंगे। बता दें कि अनुच्छेद 370 के हटने के बाद आजाद को जम्मू-कश्मीर में आने पर तीन बार रोका गया था, जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय की अनुमति लेकर वह गत सितंबर में जम्मू-कश्मीर के छह दिनी दौरे पर आए थे। लेकिन उनका यह दौरा भी पाबंदियों के चलते सीमित रहा था।