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'लोकसभा नतीजों जैसे नहीं होंगे विधानसभा के नतीजे'
उमेश पंगोत्रा/अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Tue, 24 Jun 2014 10:44 AM IST
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राज्यसभा में नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद को उम्मीद है कि राज्य विधानसभा चुनाव के नतीजे लोकसभा चुनाव के विपरीत होंगे। भाजपा ने रियासत में ही नहीं, देश में लोकसभा चुनाव सांप्रदायिकता के आधार पर लड़ा। यह चुनाव असल में आरएसएस ने ही 1977 की तर्ज पर लड़ा इसे खुद भाजपा ने स्वीकार किया है।
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एसकेआईसीसी में पार्टी बैठक में भाग लेने पहुंचे आजाद ने रियासत के सियासी हालात और कांग्रेस की संभावनाओं अपना यह नजरिया रखा। चुनाव पूर्व गठबंधन पर आजाद ने स्पष्ट किया कि इसका फैसला पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की राय लेने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी करेंगी।
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कांग्रेस को सिर्फ राज्य में मुसलमानों के ही वोट मिलने के सवाल पर आजाद ने कहा कि ऐसा नहीं है। यह बात दीगर है कि भाजपा अपने को 24 कैरेट हिंदू वोट बैंक का दावेदार मानती है। हिंदुओं में ही नहीं ऐसे कट्टरपंथी लोग अथवा नेता मुसलमानों और सिखों में भी हैं। लेकिन कट्टरवाद की उम्र लंबी नहीं होती।
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जम्मू से भेदभाव के मसले पर आजाद का कहना था कि यह मुद्दा सिर्फ वोट बैंक की सियासत के लिए हर चुनाव में उठता है। असल में हर रियासत को बजट उसकी जनसंख्या के आधार पर एलाट होता है। बाद में हर जिले को उसका अपना फंड मिलता है। कश्मीर वाले कहते है जम्मू में अधिक फंड खर्च हुआ, जम्मू वाले कहते है कि कश्मीर में अधिक और लद्दाख वाले कहते है कि दूसरे दोनों खित्तों में ही अधिक फंड खर्च होता। हकीकत में ऐसा कुछ नहीं है।
अंबिका सोनी को खुद सभी से अकेले मिलने की सलाह दी
श्रीनगर। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अंबिका सोनी द्वारा सभी नेताओं से अकेले-अकेले मिलने के मुद्दे पर आजाद ने कहा कि उन्होंने खुद यह सलाह दी। क्योंकि कई लोग मेरे खिलाफ और कई प्रो सोज के खिलाफ बोलना चाहते होंगे। अगर कोई दोनों के खिलाफ भी बोलना चाहेगा तो हमारे सामने कैसे बोलेगा। इसलिए उन्होंने अंबिका सोनी से कहा कि वह बैठक में आमंत्रित सभी सदस्यों से अकेले-अकेले बातचीत करें।