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Jammu News: चट्टेर्गुल के निवासियों ने बिजली बिलों में बेतहाशा वृद्धि के खिलाफ किया प्रदर्शन
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- लोगों ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर लगाया वादों से मुकरने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
गांदरबल। कंगन के चट्टेर्गुल क्षेत्र के निवासियों ने वीरवार को बिजली बिलों के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों ने दावा किया कि उनके मासिक बिल अचानक बढ़कर 1,600 रुपये तक हो गए हैं। नाराज निवासियों ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा किए गए वादों को पूरा न करने पर निराशा जताई।
लोगों ने कहा कि चुनाव से पहले उमर अब्दुल्ला ने हमें मुफ्त राशन और 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया था लेकिन सत्ता में आने के बाद वे अपने वादों से मुकर गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में उनके बिजली बिलों में भारी वृद्धि हुई है। एक स्थानीय निवासी ने कहा कि पहले हमें 108 रुपये का बिल मिलता था, फिर 700 और अब 1,600 रुपये का बिल मिल रहा है। एक गरीब परिवार इसे कैसे वहन कर सकता है।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार के प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने के कदम की भी आलोचना की और इसे आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ बताया। उन्होंने कहा कि हमारी रोजमर्रा की समस्याओं को हल करने के बजाय, मुख्यमंत्री हमें प्रीपेड मीटर लगाने के लिए कह रहे हैं। यह वह नहीं है जो हम उनकी सरकार से उम्मीद करते थे।
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लोगों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने हाल ही में प्रीपेड मीटर लागू करने की अपनी सरकार की योजना दोहराई थी। इस बयान ने कंगन के कई हिस्सों में निवासियों के बीच व्यापक नाराजगी पैदा कर दी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गांदरबल। कंगन के चट्टेर्गुल क्षेत्र के निवासियों ने वीरवार को बिजली बिलों के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों ने दावा किया कि उनके मासिक बिल अचानक बढ़कर 1,600 रुपये तक हो गए हैं। नाराज निवासियों ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा किए गए वादों को पूरा न करने पर निराशा जताई।
लोगों ने कहा कि चुनाव से पहले उमर अब्दुल्ला ने हमें मुफ्त राशन और 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया था लेकिन सत्ता में आने के बाद वे अपने वादों से मुकर गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में उनके बिजली बिलों में भारी वृद्धि हुई है। एक स्थानीय निवासी ने कहा कि पहले हमें 108 रुपये का बिल मिलता था, फिर 700 और अब 1,600 रुपये का बिल मिल रहा है। एक गरीब परिवार इसे कैसे वहन कर सकता है।
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प्रदर्शनकारियों ने सरकार के प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने के कदम की भी आलोचना की और इसे आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ बताया। उन्होंने कहा कि हमारी रोजमर्रा की समस्याओं को हल करने के बजाय, मुख्यमंत्री हमें प्रीपेड मीटर लगाने के लिए कह रहे हैं। यह वह नहीं है जो हम उनकी सरकार से उम्मीद करते थे।
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लोगों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने हाल ही में प्रीपेड मीटर लागू करने की अपनी सरकार की योजना दोहराई थी। इस बयान ने कंगन के कई हिस्सों में निवासियों के बीच व्यापक नाराजगी पैदा कर दी है।