फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Gattu Door took the life of an innocent in jammu

गट्टू डोर ने मासूम की ले ली जान

विज्ञापन
Gattu Door took the life of an innocent in jammu
जम्मू। प्रशासन इस बार भी प्रतिबंधित गट्टू डोर की बिक्री रोक नहीं पाया। डोर ने एक मासूम की जान ले ली। कई लोग घायल भी हुए हैं। बस स्टैंड के पास रविवार को गट्टू डोर की चपेट में आने से घायल हुए बच्चे ने सोमवार को जीएमसी में दम तोड़ दिया। रविवार को सड़क पर लटकी डोर से बच्चे का गला बुरी तरह से कट गया था। खून न रुकने की वजह से उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। बच्चे की मौत के बाद हरकत में आई पुलिस ने प्रतिबंधित डोर बेचने वालों की धरपकड़ के लिए बाजारों में छापेमारी भी की। कुछ दुकानों से गट्टू बरामद हुई। दुकानदारों पर केस दर्ज कर लिया गया है।
विज्ञापन

छह वर्षीय ध्रुव पुत्र दीपक शर्मा निवासी सरवाल अपने पिता के साथ रविवार को बाइक पर बस स्टैंड गया था। इसी दौरान वापस आते समय सड़क पर लटकी डोर उसके गले में फंस गई। बाइक तेज रफ्तार होने के कारण डोर से गला बुरी तरह कट गया। बच्चे के चिल्लाने पर पिता ने बाइक को रोका। तुरंत बच्चे को जीएमसी लाया गया। यहां से उसे इलाज के लिए शालामार अस्पताल भेज दिया गया। यहां पर गले में टांके लगाकर उसे जीएमसी भेज दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार डोर ने बच्चे के सांस की नाली को काट दिया था। बच्चा सही तरीके से सांस नहीं ले पा रहा था। गले के अंदर और बाहर टांके लगाए गए थे, लेकिन खून बहना बंद नहीं होने के चलते उसे बचाय नहीं जा सका।
विज्ञापन

प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से बिक रही
शहर में प्रशासन ने गट्टू डोर पर प्रतिबंध लगा रखा है, लेकिन इसके बावजूद डोर धड़ल्ले से बिक रही है। स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन त्यौहार से पहले पुलिस ने बाजारों में जांच भी की लेकिन गट्टू डोर की बिक्री नहीं रुक पाई। दुकानदार धड़ल्ले से डोर बेच रहे हैं। इससे पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। रक्षाबंधन पर लोगों ने खूब पतंगबाजी की। इस दौरान गट्टू डोर का खूब इस्तेमाल किया गया। गलियों और मोहल्लों में डोर तारों पर लटकी देखी जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

डोर की चेपट में आने से कई लोग घायल भी हुए
गट्टू डोर की चपेट में आने से रविवार को कई लोग जख्मी भी हुए। डिग्याना में बाइक सवार का डोर से गला कट गया। गनीमत रही कि कट कम लगा था। जीएमसी में इलाज के बाद उसे घर भेज दिया गया। शालामार इलाके में भी खेलते वक्त चार बच्चे गट्टू डोर की चपेट में आने से घायल हो गए। शालामार अस्पताल में इलाज के बाद बच्चों को घर भेेज दिया गया। बीते साल भी गट्टू डोर से शहर में छह से सात लोग घायल हुए थे, जबकि दो की मौत हुई थी। शहर में गलियां में डोर बिखरी पड़ी है। इससे बुजुर्गों, बच्चों और अन्य लोगों को सावधानी से चलना पड़ रहा है।
रास्तों में पड़ी डोर में उलझने से गिर रहे लोग
पतंगबाजी के बाद रास्तों पर भी कई जगह डोर बिखरी पड़ी है। पांव में उलझने के कारण लोग गिर रहे हैं। कई लोगों को चोटें भी पहुंची हैं। ऐसे ही मामलों में सात से आठ लोग जीएमसी में इलाज करवाने पहुंचे थे। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है।

कोट
बस स्टैंड के पास रविवार को बच्चा डोर की चपेट में आया था। उसकी गला कट गया था। सोमवार को बच्चे की मौत हो गई है। पुलिस बाजारों में चेकिंग कर रही है। लोगों की जान के साथ समझौता नहीं होगा। प्रतिबंधित डोर बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- जुगल किशोर, चौकी इंचार्ज, सरवाल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed