{"_id":"5f8c0f7e8ebc3e9ba75c9c91","slug":"g-kishan-reddy-attacks-farooq-abdullah-in-leh-asks-do-you-want-ut-or-article-370","type":"story","status":"publish","title_hn":"लेह में बोले जी किशन रेड्डी: आप केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा चाहते हैं या अनुच्छेद 370","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लेह में बोले जी किशन रेड्डी: आप केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा चाहते हैं या अनुच्छेद 370
Sun, 18 Oct 2020 03:23 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sun, 18 Oct 2020 03:23 PM IST
विज्ञापन
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लेह में रविवार को एक सार्वजनिक रैली में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने फारूक अब्दुल्ला पर जमकर हमला बोला। उन्होंने अब्दुल्ला पर सवाल उठाते हुए कहा कि फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी और कांग्रेस चीन के समर्थन से अनुच्छेद 370 को फिर से बहाल करेंगे और लद्दाख से केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा वापस लेंगे।
उन्होंने लोगों से कहा कि क्या आप केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा चाहते हैं या फिर से अनुच्छेद 370 की बहाली? अब्दुल्ला ने एक कार्यक्रम में कहा था कि मैंने कभी चीनी राष्ट्रपति को निमंत्रण नहीं दिया, ऐसा करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थे। उन्होंने सिर्फ न्योता ही नहीं भेजा, बल्कि यहां झूले पर भी बैठाया। उन्हें चेन्नई ले गए और उनके साथ खाना खाया। लेकिन जो 5 अगस्त 2019 को सरकार ने किया, वह किसी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। हम नहीं करते, चीन भी नहीं कर रहा।
अब्दुल्ला ने कहा था कि घाटी के लोगों की हालत के बारे में हमें संसद में बोलने तक नहीं दिया जाता। यहां के लोगों को क्या सुख है? देश जहां 4जी इस्तेमाल कर रहा, 5जी आने वाला है फिर भी वहां के लोग 2जी के इस्तेमाल को मजबूर हैं। यह कैसा बराबरी का दर्जा है? ऐसे कैसे युवा आगे बढ़ेंगे?
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने लोगों से कहा कि क्या आप केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा चाहते हैं या फिर से अनुच्छेद 370 की बहाली? अब्दुल्ला ने एक कार्यक्रम में कहा था कि मैंने कभी चीनी राष्ट्रपति को निमंत्रण नहीं दिया, ऐसा करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थे। उन्होंने सिर्फ न्योता ही नहीं भेजा, बल्कि यहां झूले पर भी बैठाया। उन्हें चेन्नई ले गए और उनके साथ खाना खाया। लेकिन जो 5 अगस्त 2019 को सरकार ने किया, वह किसी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। हम नहीं करते, चीन भी नहीं कर रहा।
विज्ञापन
अब्दुल्ला ने कहा था कि घाटी के लोगों की हालत के बारे में हमें संसद में बोलने तक नहीं दिया जाता। यहां के लोगों को क्या सुख है? देश जहां 4जी इस्तेमाल कर रहा, 5जी आने वाला है फिर भी वहां के लोग 2जी के इस्तेमाल को मजबूर हैं। यह कैसा बराबरी का दर्जा है? ऐसे कैसे युवा आगे बढ़ेंगे?
विज्ञापन