जम्मू-कश्मीरः जमीन की खरीद-फरोख्त में फर्जीवाड़ा होगा बंद, रियल एस्टेट अथॉरिटी का होगा गठन
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जम्मू-कश्मीर में रियल एस्टेट में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए रियल एस्टेट अथॉरिटी का गठन किया जाएगा। इसके लिए प्रशासनिक परिषद (एसी) ने जम्मू-कश्मीर रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) नियम 2020 के मसौदे को मंजूरी दे दी। यह रियल एस्टेट विनियमन और विकास अधिनियम, 2016 के तहत बनाया गया है, जिसे हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के जरिए केंद्र शासित प्रदेश के लिए लागू किया गया है।
उप राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू की अध्यक्षता में हुई परिषद की बैठक में लिए गए इस फैसले से रियल एस्टेट क्षेत्र के विनियमन और विकास के लिए केंद्र शासित प्रदेश में रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) प्राधिकरण की स्थापना होगी। इसके जरिए रियल एस्टेट सेक्टर के विकास की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
इससे पारदर्शी तरीके से भूखंड, अपार्टमेंट, भवन और रियल एस्टेट परियोजना से जुड़ी संपत्तियों की बिक्री हो सकेगी। इससे उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा होगी क्योंकि इसमें उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था भी होगी।
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रियल एस्टेट एजेंटों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य
नए नियम में सभी रियल एस्टेट परियोजनाओं और रियल एस्टेट एजेंटों को वेब-आधारित ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से पूर्व पंजीकरण प्राप्त करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही प्रमोटर के विषय में सभी जानकारियां सार्वजनिक करनी होंगी।
मसलन प्रमोटर का ट्रैक रिकॉर्ड, रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन की स्थिति, विवाद की स्थिति, कंसल्टेंट, विकास योजना, वित्तीय स्थिति आदि की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। नए नियमों में उपभोक्ताओं की शिकायतों पर अथॉरिटी व अपीलीय ट्रिब्यूनल की शक्तियों और जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है।
अथॉरिटी को बजट, बही खातों का रखरखाव और वार्षिक रिपोर्ट दाखिले की निगरानी का भी अधिकार दिया गया है। जम्मू और कश्मीर में इस कानूनी व्यवस्था से रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता आएगी और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।