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अमरनाथ यात्रा के बाद जम्मू-कश्मीर विधानसभा का चुनाव सुरक्षापूर्वक कराएंगे 40,000 जवान
Wed, 05 Jun 2019 09:20 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Wed, 05 Jun 2019 09:20 PM IST
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श्री अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात होने वाले सुरक्षाबलों की मदद से ही चुनाव आयोग विधानसभा चुनाव करा लेगा। कुछ ही दिनों में रियासत में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए सुरक्षा कर्मियों को तैनात कर दिया जाएगा। अमरनाथ यात्रा एक जुलाई से शुरू होकर 31 अगस्त को खत्म हो जाएगी।
ऐसे में चुनाव आयोग चाहता है कि जब यात्रा खत्म हो तो उसके ठीक बाद चुनाव करा दिया जाए। क्योंकि तब सुरक्षाबल पहले से मौजूद होंगे और चुनाव आयोग इसके लिए सुरक्षा के विशेष बंदोबस्त नहीं करने पड़ेंगे।
जानकारी के अनुसार अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए करीब 40 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती होनी है। यह आंकड़ा बढ़ाया भी जा सकता है। यह सुरक्षाकर्मी 31 अगस्त तक रियासत में रहेंगे। सूत्रों का कहना है कि यात्रा खत्म होने के बाद इन सुरक्षाकर्मियों को नहीं भेजा जाएगा। इनको चुनाव के लिए होल्ड पर रख लिया जाएगा।
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अभी हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में भी ऐसा ही देखने को मिला है। चुनाव ड्यूटी के लिए बुलाई गई सीआरपीएफ सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों की कई बटालियनों को रोक लिया गया है, जिनको अमरनाथ की सुरक्षा में लगाया जाएगा। इसी तरह जो अमरनाथ यात्रा में तैनात होंगे, उनको विधानसभा चुनाव के लिए रोक लिया जाएगा।
दरअसल, इनको भेजने के बाद दोबारा बुलाने पर अधिक खर्च होगा। इसलिए चुनाव आयोग की कोशिश है कि मौजूद सुरक्षाबलों की मदद से ही चुनाव करा लिया जाए।
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ऐसे में चुनाव आयोग चाहता है कि जब यात्रा खत्म हो तो उसके ठीक बाद चुनाव करा दिया जाए। क्योंकि तब सुरक्षाबल पहले से मौजूद होंगे और चुनाव आयोग इसके लिए सुरक्षा के विशेष बंदोबस्त नहीं करने पड़ेंगे।
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जानकारी के अनुसार अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए करीब 40 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती होनी है। यह आंकड़ा बढ़ाया भी जा सकता है। यह सुरक्षाकर्मी 31 अगस्त तक रियासत में रहेंगे। सूत्रों का कहना है कि यात्रा खत्म होने के बाद इन सुरक्षाकर्मियों को नहीं भेजा जाएगा। इनको चुनाव के लिए होल्ड पर रख लिया जाएगा।
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अभी हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में भी ऐसा ही देखने को मिला है। चुनाव ड्यूटी के लिए बुलाई गई सीआरपीएफ सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों की कई बटालियनों को रोक लिया गया है, जिनको अमरनाथ की सुरक्षा में लगाया जाएगा। इसी तरह जो अमरनाथ यात्रा में तैनात होंगे, उनको विधानसभा चुनाव के लिए रोक लिया जाएगा।
दरअसल, इनको भेजने के बाद दोबारा बुलाने पर अधिक खर्च होगा। इसलिए चुनाव आयोग की कोशिश है कि मौजूद सुरक्षाबलों की मदद से ही चुनाव करा लिया जाए।