सीआरपीएफ कैंप पर हमले का चौथा आरोपी जम्मू से गिरफ्तार, आतंकियों को दी थी हमले से पहले पनाह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलवामा के लेथपोरा सीआरपीएफ कैंप पर डेढ़ साल पहले हुए आतंकी हमले में शामिल सईद हिलाल अंद्राबी को एनआईए ने गिरफ्तार कर लिया। अंद्राबी पुलवामा के रत्नीपोरा का रहने वाला है। वह शनिवार को जम्मू स्थित एनआईए कार्यालय में अपना बयान रिकार्ड कराने आया था। बयान में उसने कबूल कर लिया कि वह कैंप पर हुए आतंकी हमले में शामिल था। हिलाल को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
जानकारी के अनुसार, पकड़ा गया सईद हिलाल जैश ए मोहम्मद का ओवरग्राउंड वर्कर है। आतंकियों को सीआरपीएफ सेंटर पर हमला करने से पहले इसी ने पनाह दी थी। सीआरपीएफ कैंप पर हमले के मामले में यह चौथी गिरफ्तारी है। तीन अन्य पहले ही पकड़े जा चुके हैं। इनमें फयाज अहमद मागरे, मंजूर अहमद और निसार गनेई शामिल हैं। 30 दिसंबर 2017 को तीन आत्मघाती आतंकियों ने सीआरपीएफ के ग्रुप सेंटर पर फिदायीन हमला किया था। इसमें सीआरपीएफ के पांच जवान शहीद हो गए थे। हमला करने वाले आतंकी जैश ए मोहम्मद के थे। तीन आतंकियों की पहचान फरदीन अहमद खांडे, पुलवामा, मंजूर बाबा निवासी पुलवामा और अब्दुल शकूर निवासी पीओके रावलाकोट के रूप में हुई। यह तीनों आतंकी हमले की जवाबी कार्रवाई में ढेर कर दिए गए थे।
इससे पहले पकड़ा था मुख्य साजिशकर्ता
इससे पहले 3 अप्रैल को एनआईए ने लेथपोरा आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता को भी गिरफ्तार किया था। यह भी जैश का आतंकी था, जो 1 फरवरी को यूएई फरार हो गया था। भारत सरकार 31 मार्च को उसे भारत लेकर आई थी। इस बार यूएई ने पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद के सदस्य निसार अहमद तांत्रे को भारत को सौंप दिया।
पुलवामा हमले के साजिशकर्ता के संपर्क में था
निसार हाल ही में यूएई चला गया था और माना जा रहा है कि वहां से वह मुदसिर अहमद खान के लगातार संपर्क में था। मुदसिर 14 फरवरी को हुए पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए हमले का मुख्य साजिशकर्ता है। निसार का भाई नूर त्राली है।
तीन फुटिए नूर का ही चेला है हिलाल
पुलवामा सीआरपीएफ कैंप पर हमला करने का मास्टरमाइंड तीन फुट का जैश ए मोहम्मद आतंकी नूर तांत्रे था। जिसे कुछ समय पहले सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया। एनआईए ने जिस हिलाल अंद्राबी को दबोचा है, वह नूर तांत्रे का ही चेला था। नूर तांत्रे जैश ए मोहम्मद को नेटवर्क को चलाने में काफी सक्रिय था। नूर के कहने पर ही हिलाल उसके साथ जुड़ा था। नूर के मारे जाने के बाद हिलाल नूर के भाई के संपर्क में आया। ताकि उसकी मौत का बदला लिया जा सके।