फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   former ministers in JK served notices to vacate bungalows

सरकारी बंगले खाली करने पर घिरे पूर्व मंत्री, वैकल्पिक निवास की मांग

Fri, 11 Mar 2016 12:03 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर Updated Fri, 11 Mar 2016 12:03 PM IST
सार

  • एस्टेट विभाग ने पीडीपी और भाजपा सरकार के पूर्व मंत्रियों को नोटिस जारी क‌िए।
  • पूर्व मंत्रियों का कहना है कि उन्हें वैकल्पिक निवास द‌िए जाए। विपक्ष ने पीडीपी-भाजपा के पूर्व मंत्रियों को इस मुद्दे पर घेर लिया है। 

विज्ञापन
former ministers in JK served notices to vacate bungalows
पूर्व मुख्यमंत्री का पर‌िवार सरकारी आवास पहले ही खाली कर चुका है। - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

एस्टेट विभाग द्वारा पूर्व मंत्रियों को नोटिस, कहा एक हफ्ते में सरकारी बंगले खली करें। जम्मू कश्मीर में सरकार गठन को लेकर गतिरोध के बीच एस्टेट विभाग ने पीडीपी और भाजपा सरकार के पूर्व मंत्रियों को नोटिस जारी कर उन्हें बिना देरी किए सरकारी बंगलों खाली करने के लिए कहा है। 

विज्ञापन


पूर्व मंत्रियों का कहना है कि उन्हें वैकल्पिक निवास दिए जाएं। वहीं इस मुद्दे पर जम्मू कश्मीर के मुख्य विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेंस ने पूर्व मंत्रियों को घेरा। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद से राज्य में सरकार गठन को लेकर कई बार संभावनाएं जताई गई, लेकिन हर बार कुछ भी ठोस नहीं निकल कर आया। 
विज्ञापन


इस बीच राज्य में पिछले दो महीनों से राज्यपाल शासन लागू किया गया और इसके बावजूद भी पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार के मंत्रियों ने अभी तक उनके सरकारी आवास खाली नहीं किए। इसको लेकर एस्टेट विभाग द्वारा पिछली सरकार के कैबिनेट और राज्य मंत्रियों दोनो को उनके सरकारी आवास खाली करने के लिए नोटिस भेज दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

स्टेट विभाग वैकल्पिक निवास रहने के लिए दे

former ministers in JK served notices to vacate bungalows
वहीं इस मुद्दे पर जहां कई पूर्व मंत्री सहमति जताते हुए अपने सरकारी आवास खाली करने को तैयार हैं, तो कई मंत्री यह भी कह रहे हैं कि उनको अब तक कोई नोटिस नहीं मिला है। पीडीपी के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री अब्दुल हक खान के अनुसार उन्हें कोई नोटिस अभी तक मिली नहीं है। 

अगर नोटिस मिल भी जाती है तो मुझे कोई ऐतराज नहीं होगा सरकारी आवास खाली करने में, लेकिन जिनके पास रहने के लिए अपने घर नहीं उन्हें एस्टेट विभाग वैकल्पिक निवास रहने के लिए दे। 

इस बीच विपक्ष ने पीडीपी-भाजपा के पूर्व मंत्रियों को इस मुद्दे पर घेर लिया है। विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेंस के जनरल सेक्रेट्री अली मोहम्मद सागर ने कहा कि राज्यपाल ने जो भी निर्देश दिए हैं वो कानून को मध्यनजर रखते हुए दिए होंगें। 

former ministers in JK served notices to vacate bungalows
पीडीपी अध्यक्षा महबूबा मुफ्ती - फोटो : Amar Ujala

जो भी नियम हैं सरकारी आवास रखने के उनके तहत ही उन्होंने पूर्व मंत्रियों को लिखा है। ऐसे में जो नियम हैं उनका पालन किया जाना चाहिए। सागर ने कहा कि इसमें 15 दिन का अवसर होता है और अधिकतर एक महीने का समय दिया जाता है सामान्य रूप से, लेकिन अगर कोई मामला हो या फिर कोर्ट में  विचाराधीन हो तो उसमें अलग बात है। लेकिन ऐसा कुछ नहीं है और दो महीने का समय अब बीत चुका है इसलिए वह जल्द बंगले खाली करें।

गौरतलब है कि एस्टेट विभाग के अनुसार पूर्व मंत्री उनके सरकारी आवास में महीने तक रहने के हकदार थे और उस अवधि के दौरान खाली करने वाले थे लेकिन जम्मू में मुख्यमंत्री आवास को उनके परिवार द्वारा खाली किए जाने को छोड़कर एक भी सरकारी आवास को खाली नहीं किया गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed