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एक पूर्व मंत्री का दावा: आतंकी आईईडी-बारूदी सुरंग के इस्तेमाल की साजिश रच रहे हैं, मैं हिट लिस्ट में सबसे ऊपर हूं

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Mon, 30 Aug 2021 09:14 AM IST

सार

पूर्व मंत्री उस्मान मजीद ने कहा कि मेरा आकलन देश विरोधी तत्वों द्वारा फैलाई जा रही अफवाह पर आधारित है। चूंकि यह मेरे लिए जीवन और मृत्यु का मामला है, मैं इसे हल्के में नहीं ले सकता। मैं इन क्रूर, बर्बर देश विरोधी तत्वों की हिट लिस्ट में सबसे ऊपर हूं, यह किसी से छिपा नहीं है।
आतंकवाद
आतंकवाद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी (जेकेएपी) के उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री उस्मान मजीद ने अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद आतंकवादियों द्वारा आईईडी और बारूदी सुरंग के इस्तेमाल की साजिश रचने की आशंका व्यक्त की है। इससे निपटने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है। 

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मजीद ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को पत्र लिखकर इन चिंताओं से अवगत कराया है। मजीद पर 2005 में एक कार बम धमाके सहित जानलेवा हमले के कई प्रयास हो चुके हैं। कांग्रेस के पूर्व विधायक मजीद विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद पूर्व मंत्री अल्ताफ  बुखारी के नेतृत्व वाली जेकेएपी में शामिल हो गए थे।


मजीद ने पत्र में कहा कि मैं इन अफवाहों से चिंतित हूं। ऐसा लगता है कि अफगानिस्तान में तालिबान के आने के बाद आतंकवादी आईईडी और बारूदी सुरंग विस्फोट की साजिश रच रहे हैं। मुझे विश्वास है कि सरकार और संबंधित एजेंसियों को इस खतरे का अच्छी तरह अंदाजा होगा और उन्होंने इसका मुकाबला करने के लिए योजना तैयार कर ली होगी। हो सकता है कि मेरा आकलन गलत अनुमान पर आधारित हो, फिर भी चौकसी बरतनी चाहिए।
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1995 में हथियार छोड़ अवामी लीग में हुए थे शामिल

अपने सहयोगियों के साथ 1995 में भारत समर्थक अवामी लीग बनाने के लिए हथियार छोड़ने के बाद पिछले 26 वर्षों के दौरान खुद पर कई बार हुए हमलों का जिक्र करते हुए मजीद ने कहा कि उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा के गरूरा गांव में उनके घर को बार-बार निशाना बनाया गया। उनके रिश्तेदारों को भी नहीं बख्शा गया। उनके भाई हाजी गुलाम नबी की दिसंबर 2002 में आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। जबकि वह खुद 16 नवंबर 2005 को सचिवालय के रास्ते में टीआरसी श्रीनगर के पास बम विस्फोट में बच गए थे।
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