पूर्व मंत्री गिरफ्तार: मुझे मिलवा दो... और बेसुध होकर गिरीं चौधरी लाल सिंह की पत्नी, समर्थकों ने भाजपा को घेरा
समर्थकों ने लाल सिंह की गिरफ्तारी पर रात को ईडी कार्यालय के बाहर डेरा जमा लिया। जय डुग्गर-जय डोगरा के नारे लगाए। आरोप लगाया कि लाल सिंह को भाजपा में शामिल न होने की सजा दी जा रही है।
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मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मंत्री चौधरी लाल सिंह की गिरफ्तारी के बाद हजारों की संख्या में समर्थक जम्मू के नरवाल स्थित ईडी कार्यालय के बाहर पहुंचे। रात करीब दस बजे समर्थकों और पारिवारिक सदस्यों ने केंद्र सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया। इसी बीच, पूर्व मंत्री की पत्नी कांता देवी बीमार हालत में पहुंचीं और पति की गिरफ्तारी से भावुक होकर बेसुध हो गईं।
मौके पर समर्थकों व परिवार ने उन्हें किसी तरह संभाला, पर उनकी आंखों में आंसुओं की धारा रुक नहीं रही थीं। बार-बार कह रही थीं कि पति निर्दोष हैं, मुझे मिलवा दो, लेकिन अनुमति न होने के चलते उन्हें अंदर जाने नहीं दिया। चौधरी लाल सिंह को ईडी कार्यालय में रखने की बात सामने आने के बाद हजारों की संख्या में लोग एकत्रित हो गए।
इस दौरान समर्थकों और पुलिस के बीच जमकर बहसबाजी हुई। समर्थक कांता देवी को चौधरी लाल सिंह से मिलने की अनुमति देने की मांग कर रहे थे, जब अंदर जाने नहीं दिया तो माहौल गरमा गया। समर्थकों ने पुलिस और प्रदेश प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। वकील भी मौके पर पहुंच गए और उन्हें भी मिलने की अनुमति नहीं दी गई। रात करीब साढ़े 11 बजे पत्नी कांता अंडोत्रा को ईडी कार्यालय में प्रवेश की अनुमति दी गई। अंदर जाकर उन्होंने पति चौधरी लाल सिंह का हालचाल जाना।
खाना तक खाने नहीं दिया
ईडी कार्यालय के बाहर पत्नी कांता अंडोत्रा ने कहा, 'हमने रात को कठुआ के लिए जाना था, लेकिन प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और खाना तक भी नहीं खाने दिया। 1978 से पति लोगों की सेवा में लगे हैं। उनके साथ एजेंसी ने नाजायज किया है। पता नहीं था कि उन्हें कब गिरफ्तार किया है। मेरे आंसू देखो। औरत हूं कभी बददुआ नहीं दी, आज भी नहीं दे रही हूं, लेकिन अंदर से दिल रो रहा है। मेरे पति निर्दोष हैं।'
समर्थकों ने जमाया डेरा, नारेबाजी
समर्थकों ने लाल सिंह की गिरफ्तारी पर रात को ईडी कार्यालय के बाहर डेरा जमा लिया। जय डुग्गर-जय डोगरा के नारे लगाए। आरोप लगाया कि लाल सिंह को भाजपा में शामिल न होने की सजा दी जा रही है। केंद्र सरकार की ओर से सियासी बदला लिया जा रहा है। चौधरी लाल सिंह जैसे जननेता को ऐसे गिरफ्तार करना सरकार की नियत पर सवाल उठाता है। दिल्ली में बैठे नेताओं के इशारे पर सारा खेल हो रहा है। सोची समझी साजिश के तहत उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
इस मामले में गिरफ्तार हुए चौधरी लाल सिंह
भूमि खरीद में अनियमितताओं के मामले में सीबीआई ने 12 सितंबर 2020 को पहली बार मामला दर्ज किया था। इसके बाद ईडी ने मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज किया। सीबीआई ने इस मामले में 2021 में आरोप पत्र दाखिल किया था। चौधरी लाल सिंह पर आरोप था की उन्होंने जम्मू-कश्मीर कृषि सुधार अधिनियम 1976 की धारा 14 का उल्लंघन कर गिफ्ट डीडी के माध्यम से लगभग 329 कनाल भूमि हासिल की।
इस मामले में हुई जांच में पाया ट्रस्ट द्वारा एक स्कूल और अन्य व्यवसायिक गतिविधियों को चलाने के लिए अतिरिक्त भूमि का उपयोग किया। इस आरोप में तत्कालीन पटवारी रविंद्र सिंह पर गलत तरीके से आरबी एजुकेशन ट्रस्ट को जमीन देने के लिए तीन फर्द काटने का भी आरोप है।