जम्मू-कश्मीरः निर्मल सिंह बोले- केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 को हटाने में दिखाई हिम्मत
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केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 को हटाने में हिम्मत दिखाई है। इसके जरिए देशवासियों का दिल भी जीत लिया है। पहले सत्ता में काबिज रहीं सरकारें सिर्फ बोलने तक सीमित थीं। अनुच्छेद 370 से अलगाववाद को भी बढ़ावा मिल रहा था। यह बातें शुक्रवार को जम्मू क्लब में पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह ने विद्यार्थी परिषद द्वारा अनुच्छेद 370 उदय व अस्त पर आयोजित सेमीनार में कहीं।
उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 के कारण 42 हजार से ज्यादा लोगों की जानें गईं हैं। इनमें सैनिक और स्थानीय नागरिक शामिल हैं। 72 साल बाद अनुच्छेद 370 का अंत हो पाया है। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. कुलदीप चंद्र अग्निहोत्री ने कहा कि अनुच्छेद 370 संविधान में अस्थायी प्रावधान था। इसे हटना ही था।
उन्होंने कहा कि शेख अब्दुल्ला ने तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू से अपनी शर्तों को मनवाया था। उस समय भी यह हट सकता था। विधानसभा से सिफारिश की जानी थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। अलगाववादी सोच के चलते जम्मू-कश्मीर में देश का संविधान लागू नहीं हो पाया।
अब गिलगिट पर किया जाएगा कब्जा
अग्निहोत्री ने बताया कि एक्सपर्ट की सलाह के बाद राज्यपाल शासन में ऐसा संभव हो पाया है। इसमें केंद्र सरकार को लिखकर दिया गया कि अनुच्छेद 370 को हटाया जाए। संकल्प प्रस्ताव के माध्यम से अनुच्छेद 370 को हटाया गया।
नगर निगम के मेयर चंद्र मोहन गुप्ता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग तिरंगे के लिए शहीद हुए हैं। तिरंगे के लिए गोलियां भी खाई हैं। अब गिलगिट पर कब्जा किया जाएगा। वहीं एबीवीपी के क्षेत्रीय संगठक विक्रांत खंडेलवाल ने कहा कि यूटी बनने से सबको समानता का अधिकार मिलेगा। अनुच्छेद 370 को हटाने के लिए लंबे समय से लड़ाई लड़ी जा रही थी। इस मौके पर प्रतीक रैना समेत अन्य वक्ताओं ने भी विचार रखे।v