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राज्य में पंचायत चुनाव के लिए हालात सही नहीं, 35-ए ने बिगाड़ा सारा खेल: महबूबा मुफ्ती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Wed, 05 Sep 2018 10:57 PM IST
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जम्मू-कश्मीर के पुंछ में बुधवार को नगर स्थित डाक बंगला में पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद मीडिया से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि इस समय रियासत में पंचायत चुनाव के लिए हालात सही नहीं हैं। एक तो पहले ही यहां हालात खराब चल रहे हैं, उस पर जिस तरह से केंद्र की मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में 35-ए को लेकर तारीख आगे बढ़ाने के लिए बयान दिया है, उससे हालात और बिगड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार को पहले अनुच्छेद 35-ए पर अपना स्टैंड साफ करना चाहिए। उसके बाद पंचायत चुनाव की बात करनी चाहिए।
महबूबा ने कहा कि उनकी सरकार के समय पंचायत एवं निकाय चुनाव पर आल पार्टी मीटिंग में सभी दलों ने चुनाव से इंकार किया था। उसी तरह पंचायत चुनाव का फैसला लेने से पहले राज्यपाल को भी इस मसले पर पहले आल पार्टी मीटिंग बुलानी चाहिए थी। राज्यपाल यदि आल पार्टी मीटिंग बुलाते हैं, तो वहां सभी के साथ वे भी अपनी बात रखेंगीं। महबूबा ने कहा कि वे गुरूवार को श्रीनगर जाएंगी पार्टी के साथियों से इस मसले पर बात करेंगीं। उन्होंने राज्यपाल के आल पार्टी मीटिंग बुलाने के बाद ही कोई बयान देने की बात कही।
विशेष दर्जे से छेड़छाड़ की तो सोचना पड़ेगा कि इस तरफ रहें या उस तरफ
महबूबा ने कहा कि वे केंद्र सरकार को बता देना चाहती हैं कि 35-ए हो, अनुच्छेद 370 हो या फिर राज्य का विशेष दर्जा हो, उस पर उसे अपना नजरिया साफ करना चाहिए। जम्मू-कश्मीर एक मुस्लिम बहुल राज्य है। जम्मू कश्मीर ने हिंदुस्तान के साथ हाथ मिलाया था, पर कुछ शर्तों पर। ऐसे में यदि केंद्र सरकार उन शर्तों को छोड़ना चाहती हैं, तो केंद्र के साथ जो रिश्ता है, उस पार भी आंच आएगी। फिर सोचना पड़ेगा कि हम क्या करें कहां जाएं। इस तरफ जाएं या उस तरफ जाएं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को वे बताना चाहती हैं कि यदि वे जम्मू-कश्मीर को देश के साथ बाइज्जत रखना चाहते हैं, तो अनुच्छे 35-ए, 370 और राज्य के विशेष दर्जे के साथ छेड़छाड़ करने की बात छोड़ दें।
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महबूबा ने कहा कि उनकी सरकार के समय पंचायत एवं निकाय चुनाव पर आल पार्टी मीटिंग में सभी दलों ने चुनाव से इंकार किया था। उसी तरह पंचायत चुनाव का फैसला लेने से पहले राज्यपाल को भी इस मसले पर पहले आल पार्टी मीटिंग बुलानी चाहिए थी। राज्यपाल यदि आल पार्टी मीटिंग बुलाते हैं, तो वहां सभी के साथ वे भी अपनी बात रखेंगीं। महबूबा ने कहा कि वे गुरूवार को श्रीनगर जाएंगी पार्टी के साथियों से इस मसले पर बात करेंगीं। उन्होंने राज्यपाल के आल पार्टी मीटिंग बुलाने के बाद ही कोई बयान देने की बात कही।
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विशेष दर्जे से छेड़छाड़ की तो सोचना पड़ेगा कि इस तरफ रहें या उस तरफ
महबूबा ने कहा कि वे केंद्र सरकार को बता देना चाहती हैं कि 35-ए हो, अनुच्छेद 370 हो या फिर राज्य का विशेष दर्जा हो, उस पर उसे अपना नजरिया साफ करना चाहिए। जम्मू-कश्मीर एक मुस्लिम बहुल राज्य है। जम्मू कश्मीर ने हिंदुस्तान के साथ हाथ मिलाया था, पर कुछ शर्तों पर। ऐसे में यदि केंद्र सरकार उन शर्तों को छोड़ना चाहती हैं, तो केंद्र के साथ जो रिश्ता है, उस पार भी आंच आएगी। फिर सोचना पड़ेगा कि हम क्या करें कहां जाएं। इस तरफ जाएं या उस तरफ जाएं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को वे बताना चाहती हैं कि यदि वे जम्मू-कश्मीर को देश के साथ बाइज्जत रखना चाहते हैं, तो अनुच्छे 35-ए, 370 और राज्य के विशेष दर्जे के साथ छेड़छाड़ करने की बात छोड़ दें।
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फारूक के बयान पर नहीं दी कोई प्रतिक्रिया
मीडिया की तरफ से कई बार महबूबा मुफ्ती से फारूक अब्दुला के उस बयान पर प्रतिक्रिया देने का आग्रह किया गया, जिसमें फारूक ने 35-ए का मसला हल न किए जाने तक पंचायत चुनाव का बहिष्कार करने की बात कही है, लेकिन वे उस पर कुछ भी कहने से बचती रहीं।