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केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू: पीएचडी के लिए नेट में असफल छात्रों को भी मिलेगा मौका, नहीं होगी लिखित परीक्षा, जानें पूरी प्रक्रिया
Mon, 09 May 2022 02:50 PM IST
kumar गुलशन कुमार
मंगेश कुमार, अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
मंगेश कुमार, अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Mon, 09 May 2022 02:50 PM IST
सार
केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू में पीएचडी में प्रवेश के लिए 9 मई से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी, जो 23 मई तक जारी रहेगी। इसमें नेट, जेआरएफ और गेट की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले और असफल अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकेंगे।
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पीएचडी
- फोटो : Getty
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विस्तार
केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू में पीएचडी में प्रवेश के लिए अब लिखित परीक्षा नहीं होगी। नेशनल इलीजिबिलिटी टेस्ट (नेट) में असफल रहे अभ्यर्थियों को मिले अंक भी मैरिट में जोड़े जाएंगे। इससे पहले ऐसा कोई प्रावधान नहीं था। विश्वविद्यालय में पीएचडी में प्रवेश के लिए 9 मई से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी, जो 23 मई तक जारी रहेगी।
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प्रवेश के लिए सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 1000 रुपये और अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए 500 रुपये प्रवेश शुल्क रखा गया है। इसमें नेट, जेआरएफ और गेट की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले और असफल अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकेंगे। नेट, जेआरएफ व गेट के 70 अंक और 30 शोध प्रस्ताव के होंगे।
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केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू के परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर सूरम सिंह ने कहा कि जो अभ्यर्थी 2018 से नेट की परीक्षा दे रहे हैं, लेकिन उसे पास नहीं कर सके हैं। उन्हें परीक्षा में मिले अधिकांश अंक पीएचडी की मेरिट सूची तैयार करने में जोड़े जाएंगे। यह व्यवस्था विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमानुसार इस सत्र से केंद्रीय विश्वविद्यालय शुरू कर रहा है जो पहले लागू नहीं थी।
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किस विभाग में कितनी हैं सीटें
विश्वविद्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस बार कंप्यूटर साइंस एवं सूचना प्रौद्योगिकी विषय में 4, शिक्षा अध्ययन में 5, गणित में 1, समाज कार्य में 4, मानवीकी संस्थान प्रबंधन में 1, पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन में 1, व्यावसायिक प्रशासन में 3, सामग्री विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में 2, भौतिक विज्ञान में 4, रासायनिक विज्ञान में 5, वनस्पति विज्ञान में 1, हिंदी में 8, मार्केटिंग प्रबंधन में 5, राष्ट्रीय सुरक्षा अध्ययन में 5, अंग्रेजी में 4, अर्थशास्त्र में 2, बायोटेक्नोलॉजी में 2 और जीव विज्ञान में 6 सीटें भरी जाएंगी। नेट, जेआरएफ और गेट की परीक्षा में प्राप्त किए अंकों के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी।
किन्हें मिलेगा आरक्षण
आरक्षण नियमों के तहत अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों को 15, अनुसूचित जनजाति के 7.5, अन्य पिछड़ा वर्ग के 27 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों को 10 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। जो अभ्यर्थी आरक्षण के तहत प्रवेश लेंगे उन्हें अपना जाति प्रमाण पत्र भी जमा करवाना होगा। मेरिट सूची में आने वाले अभ्यर्थियों के नाम विश्वविद्यालय की साइट पर अपलोड किया जाएगा। निर्धारित तिथि में अभ्यर्थियों को संबंधित विभागों में मूल दस्तावेजों सहित पहुंचना होगा। अगर अन्य विश्वविद्यालय के छात्रों को केंद्रीय विवि जम्मू में शोध सीट मिलती है तो उन्हें अपना माइग्रेशन सर्टिफिकेट भी जमा करवाना होगा। विवि द्वारा निर्धारित किए समय में अभ्यर्थी दस्तावेज जमा करने में असफल रहते हैं तो उनका प्रवेश रद्द किया जाएगा।