जम्मू संभाग में बाढ़ का कहर: 2060 सड़कें ध्वस्त, एक हजार करोड़ का नुकसान; दस दिन में 90 फीसदी बहाल
भारी बारिश और भूस्खलन से जम्मू संभाग में 2060 सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिनमें सबसे ज्यादा नुकसान जम्मू जिले में हुआ। पीडब्ल्यूडी ने 90% सड़कों को बहाल कर लिया है और शेष सड़कों को दो दिनों में दुरुस्त करने का दावा किया है।
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बाढ़ और भूस्खलन से जम्मू संभाग के दस जिलों में 2060 सड़कें ध्वस्त हुईं। सबसे ज्यादा नुकसान जम्मू में हुआ। हालांकि, दस दिन में 90 फीसदी सड़कें बहाल कर दी गई हैं। अब करीब 200 सड़कों से मलबा हटाना बाकी है। पीडब्ल्यूडी ने 48 घंटे में ज्यादातर सड़कों को बहाल कर लेने का लक्ष्य तय किया है, यानी मौसम ठीक रहा तो सोमवार तक सभी सड़कें ठीक हो जाएंगी।
पीडब्ल्यूडी ने हालात की रिपोर्ट सरकार को भेजी है। रिपोर्ट के अनुसार करीब एक हजार करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। दूरदराज के इलाकों से आकलन जारी है। इससे आंकड़े में बदलाव हो सकता है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने कुल नुकसान का दस फीसदी फौरी राहत के तौर पर उपलब्ध करवाने को कहा है।
सड़कें ठप होने से अंदरूनी इलाकों के लोग कई किलोमीटर पैदल सफर करने के लिए मजबूर हो रहे थे। पीडब्ल्यूडी ने मौसम में सुधार के बाद बीते तीन दिनों में ज्यादातर सड़कों को बहाल किया है। विभाग ने मलबे और भूस्खलन की जद में आए हिस्से को काटकर दूसरी तरफ से सड़क निकालने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
फील्ड अधिकारियों को नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। पीडब्ल्यूडी ग्रामीण इलाकों में ठप सड़कों को बहाल करने में स्थानीय ठेकेदारों की मदद भी ले रहा है। उन्हें इसके एवज में भुगतान के लिए विभाग को फंड की आवश्यकता पड़ रही है।
कहां कितनी सड़कें बंद
विभाग की रिपोर्ट के अनुसार दो हजार से ज्यादा सड़कें जम्मू संभाग के दस जिलों में ठप हो गई थीं। इनमें जम्मू में 450, राजोरी में 400, पुंछ में 225, कठुआ और उधमपुर में 200-200, डोडा में 175, रामबन में 100, रियासी में 150, सांबा में 90 और किश्तवाड़ में 70 सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा कश्मीर संभाग के कुलगाम, अनंतनाग और शोपिया जिलों में सड़कों पर बारिश का असर पड़ा है।
90 फीसदी सड़कों को किया बहाल
पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता राजेश गुप्ता ने बताया कि बारिश से बंद सड़कों में अब तक 90 फीसदी को बहाल कर लिया गया है। 10 फीसदी सड़कें ज्यादा भूस्खलन की वजह से बहाल नहीं हो पाई हैं। मानसून से हुए नुकसान का अनुमान करीब एक हजार करोड़ रुपये है। विभाग इसकी रिपोर्ट तैयार कर रहा है। ग्रामीण इलाकों में सड़क बहाल करने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे। पीडब्ल्यूडी ने भूस्खलन के बाद मशीनों को सड़क पर उतार दिया था और तब से विभाग लगातार मलबा हटा रहा है।