झेलम सहित कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर
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पिछले साल सितंबर में भीषण बाढ़ की मार झेल चुके कश्मीर के लोगों को मानसून से ठीक पहले हुई मूसलाधार बारिश ने फिर दहला दिया है। झेलम सहित अन्य सहायक नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं हैं। उत्तरी कश्मीर के अश्म में बाढ़ का खतरा घोषित किया गया है। काजीगुंड-बनिहाल रेल सेवा स्थगित कर दी गई।
जम्मू में चिनाब दरिया खतरे के निशान के पास बह रहा है। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर कई जगह पस्सियां (भूस्खलन) आ जाने से 16 घंटे यातायात ठप रहा। हाईवे पर क्रइ वाहन मलबे में धंस गए, लेकिन राहत की बात रही कि कोई यात्री घायल नहीं हुआ। जम्मू में सूर्य पुत्री तवी में अचानक जलस्तर बढ़ जाने से अलग अलग स्थानों से छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने मंडलायुक्त कश्मीर को आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में राज्य के कई इलाकों में बारिश होगी। घाटी में बुधवार रात से जारी मूसलाधार बारिश के कारण झेलम नदी सहित अन्य नदियों और फ्लड चैनलों में अचानक जलस्तर बढ़ जाने से दक्षिणी और मध्य कश्मीर में सैकड़ों लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा।
मुश्किल समय में सेना ही काम आई
संगम और श्रीनगर के राम मुंशीबाग में झेलम नदी का जलस्तर वीरवार शाम तक खतरे के निशान से ऊपर चला गया। बारिश से दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग और कुलगाम जिलों के कई इलाकों में भारी जलभराव हुआ है। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के चीफ इंजीनियर मीर जावेद जफर के अनुसार संगम के साथ लिद्दर, तौंगरी और वैशव नालों में अचानक जलस्तर बढ़ा।
वैश्व नाले में जलस्तर बढ़ने से कुलगाम जिले के चगुंड इलाके में फंसे 12 चरवाहों को सेना, पुलिस और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त आपरेशन में बाहर निकाला गया। नाले में जलस्तर बढ़ने से तीन मकानों और एक स्कूल की इमारत को नुकसान पहुंचा है। कुलगाम के निचले इलाकों से करीब 50 परिवारों को अनंतनाग के रेलवे स्टेशन पर पहुंचाया गया।
चिनाब में शाम पांच बजे जलस्तर 30.2 फीट (33 फीट खतरा) तक पहुंच जाने से एसडीएम सुरेश चंद्र ने ज्यौड़ियां, परगवाल और अखनूर के लिए तीन रेस्क्यू टीमें तैयार की हैं। तवी में अचानक पानी 8.5 फीट ( 14 फीट अलर्ट) तक पहुंच गया।
श्रीनगर में बनाए गए कंट्रोल रूम, ये हैं नबर
राज्य के पीएचई, सिंचाई तथा बाढ़ नियंत्रण मंत्री सुखनंदन कुमार चौधरी ने वीरवार को बाढ़ की पैदा हुई स्थिति के चलते श्रीनगर के कई इलाकों का दौरा किया। वह श्रीनगर के जीरो ब्रिज, राजबाग, कुरसू और सिल्क फैक्ट्री रोड गए जहां उन्होंने झेलम नदी का जलस्तर बढ़ने से पैदा हुई स्थिति की समीक्षा की।
श्रीनगर में पुलिस कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जीरो ब्रिज पर समीक्षा के दौरान मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुल के पास कूड़ा कर्कट हटाया जाए जिसके कारण नदी के बहाव में बाधा आ रही है। उन्होंने कहा कि बाढ़ की चपेट में आने वाले कई इलाकों में रेत के बैग पर्याप्त मात्रा में रखे जाएं।
इस दौरे के दौरान विभिन्न जगहों पर लोगों से बातचीत के दौरान उन्होंने लोगों को कहा कि वह न घबराएं क्योंकि पूरे प्रशासन को अलर्ट रखा गया है ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके। लोगों को उन्होंने एहतियात बरतने को कहा। सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि पुलिस कंट्रोल रूम श्रीनगर में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
उन्होंने लोगों से कहा कि जरुरत पड़ने पर वह कंट्रोल रूम के नंबर 2474040, 2450004 और 100 पर संपर्क कर सकते हैं।
जम्मू कश्मीर में कई सड़क मार्ग बंद पड़े
कुलगाम के कईमुह इलाके में नदी का जलस्तर बढ़ जाने से अनंतनाग-शोपियां और अनंतनाग-कु लगाम सड़क को बंद कर दिया गया है। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर अवंतीपोरा के चारसू इलाके में पानी भर आने से ट्रैफिक को त्राल से डायवर्ट किया गया।
झेलम का जलस्तर
संगम में 27.05 फीट (बाढ़ की घोषणा 21 फीट पर और खतरे का निशान 23)
राम मुंशीबाग में 21.40 फीट (बाढ़ की घोषणा 18 फीट पर और खतरे का निशान 19 फीट)
अशम में 13.50 फीट (बाढ़ की घोषणा 14 फीट पर और खतरे का निशान 15 फीट)