पीछे भयानक मंजर छोड़ गई बाढ़, 45000 मकान तबाह
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बाढ़ अपने पीछे भयानक मंजर छोड़ गई है। जम्मू संभाग में बारिश और बाढ़ से 35 हजार मकान क्षतिग्रस्त हुए। इसमें बारिश और पानी के तेज बहाव में करीब दस हजार मकानों का नामोनिशान मिट गया।
भूस्खलन वाले क्षेत्रों के पीडि़तों को दोबारा बसाना बड़ी चुनौती है। संभाग में 190 लोगों को बेमिजाज मौसम ने लील लिया। 20 से ज्यादा लोग अभी तक लापता हैं। बिजली ढांचे को जबरदस्त नुकसान पहुंचा है।
पुंछ और राजोरी जिले में ही एक हजार से ज्यादा ट्रांसफार्मर तबाह हो गए। कई टावर पानी में बह गए। बाढ़ से संभाग के एक तिहाई ग्रामीण क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। अनुमानित सरकारी ढांचे पर ही दो हजार से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
25 हजार मकानों की मरम्मत जारी
मंडलायुक्त जम्मू शांतमनु के अनुसार सरकारी आंकड़े के सर्वे में बारिश और बाढ़ से जम्मू संभाग में 9900 मकान पूरी तरह से तबाह हो गए हैं। क्षतिग्रस्त हुए करीब 25 हजार मकानों को दुरुस्त बनाने का काम हो रहा है।
स्थायी ढांचे पर बाद में काम किया जाएगा। अगले दो माह में सर्दी के आवागमन को देखते हुए स्थानीय जिला प्रशासनों को बाढ़ पीडि़तों के पुनर्वास के लिए सुरक्षित स्थानों की तलाश करने को कहा गया है।
इसमें इंदिरा आवास योजना सहित अन्य योजनाओं के तहत मजबूत योजना बनाकर बाढ़ पीडि़तों के पुनर्वास के लिए काम किया जाएगा।
पीड़ितों को फिर से बसाने का प्रयास जारी
सरकार का प्रयास है कि सुरक्षित स्थानों पर अगले माह तक दोबारा पीडि़तों को बसाया जा सके, लेकिन भूस्खलन वाले क्षेत्रों का फैसला बाद में लिया जाएगा। अस्थायी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए एसडीआरएफ के तहत 210 करोड़ जारी किया गया है।
बारिश और बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई संभाग की 28 हजार सड़कों में से 18 हजार को बहाल कर दिया गया है। इसमें पीएमवाईजीएस के तहत चालीस प्रतिशत सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। पुंछ में तबाह हुए 4-5 पुलों के स्थायी पुनर्निर्माण के लिए राज्य और केंद्र प्लान के तहत की काम होगा।
एसडीआरएफ के तहत प्रति एक मृतक परिवार को तत्काल अनुग्रह डेढ़ लाख रुपये की राशि दी गई है, जिसमें पीएम की दो लाख रुपये की राशि भी बाद में दी जाएगी।