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Jammu News: बाढ़ से कारों को भी नुकसान, बीमा कंपनियों तक पहुंचे 185 से ज्यादा बीमा दावे
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पीरखो में बाढ़ से वाहनों को नुकसान।संवादफ़ाइल फ़ोटो.
- बाढ़ में डूबी कारों के लिए बीमा कंपनियों में आवेदन की भरमार
- बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मलबा हटने के बाद आंकड़ा और बढ़ने की संभावना
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बीते दिनों जम्मू संभाग में आई बाढ़ ने लोगों की कारों को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। बाढ़ के बाद अब तक लगभग 185 से ज्यादा कारों के बीमा दावे विभिन्न प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर कंपनियों तक पहुंच चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि मलबा हटने और क्षेत्र में पानी पूरी तरह सूखने के बाद यह संख्या और बढ़ सकती है।
जम्मू-कश्मीर सर्वेयर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष केबी मनचंदा ने बताया कि बाढ़ में डूबी कारों के लिए केवल उन्हीं वाहनों पर बीमा क्लेम लागू होता है जिनके लिए ''''कॉम्प्रिहेंसिव बीमा पॉलिसी'''' ली गई हो। उन्होंने कहा कि इस पॉलिसी के तहत बाढ़ या किसी अन्य प्राकृतिक आपदा में हुए नुकसान की भरपाई होती है। यदि इंजन में पानी चला गया है तो केवल वही कवर होगा जिसमें ''''इंजन प्रोटेक्शन'''' जैसे ऐड-ऑन कवर शामिल हों।
मनचंदा ने आगे बताया कि बीमा दावा करने के लिए कार मालिकों को सबसे पहले अपनी बीमा कंपनी को तुरंत सूचित करना होता है। इसके बाद बीमा कंपनी का सर्वेयर वाहन का निरीक्षण करता है और रिपोर्ट तैयार करता है। इसी रिपोर्ट के आधार पर ही क्लेम निपटाया जाता है। उन्होंने कार मालिकों को सलाह दी कि बाढ़ में डूबी कार का इंजन चालू न करें और सभी दस्तावेज़ और तस्वीरें संभालकर रखें।
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जिला उपायुक्त ने दिए बाढ़ प्रभावित बीमा दावों के जल्दी निपटारे के निर्देश
जम्मू के उपायुक्त डॉ. राकेश मिन्हास ने बुधवार को बाढ़ और बारिश से प्रभावित व्यवसायों, वाहनों और संपत्तियों के बीमा दावों के त्वरित निपटान के लिए बैठक की। इस बैठक में बीमा कंपनियों और जम्मू चैंबर ऑफ कॉमर्स एवं इंडस्ट्री के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
उपायुक्त ने कहा कि प्रभावित लोगों और व्यापारियों को समय पर राहत दिलाने के लिए सभी संबंधित पक्षों का सामूहिक प्रयास जरूरी है। कई दावेदारों ने नुकसान के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज खो दिए हैं, जिन्हें बीमा प्रक्रिया में ध्यान में रखना चाहिए। बैठक में सभी ने यह सहमति जताई कि जिला प्रशासन प्रभावित व्यक्तियों और बीमा कंपनियों के बीच नजदीकी समन्वय सुनिश्चित करेगा, ताकि दावे जल्दी निपट जाएं। बीमा कंपनियों ने दावों के रजिस्ट्रेशन और ट्रैकिंग के लिए समर्पित संपर्क नंबर और हेल्पलाइन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उपायुक्त ने बीमा कंपनियों, ऑटोमोबाइल डीलरों और सर्विस सेंटरों को बैठक के निर्णय लागू करने के लिए आदेश पत्र भी जारी किया।
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- बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मलबा हटने के बाद आंकड़ा और बढ़ने की संभावना
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बीते दिनों जम्मू संभाग में आई बाढ़ ने लोगों की कारों को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। बाढ़ के बाद अब तक लगभग 185 से ज्यादा कारों के बीमा दावे विभिन्न प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर कंपनियों तक पहुंच चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि मलबा हटने और क्षेत्र में पानी पूरी तरह सूखने के बाद यह संख्या और बढ़ सकती है।
जम्मू-कश्मीर सर्वेयर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष केबी मनचंदा ने बताया कि बाढ़ में डूबी कारों के लिए केवल उन्हीं वाहनों पर बीमा क्लेम लागू होता है जिनके लिए ''''कॉम्प्रिहेंसिव बीमा पॉलिसी'''' ली गई हो। उन्होंने कहा कि इस पॉलिसी के तहत बाढ़ या किसी अन्य प्राकृतिक आपदा में हुए नुकसान की भरपाई होती है। यदि इंजन में पानी चला गया है तो केवल वही कवर होगा जिसमें ''''इंजन प्रोटेक्शन'''' जैसे ऐड-ऑन कवर शामिल हों।
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मनचंदा ने आगे बताया कि बीमा दावा करने के लिए कार मालिकों को सबसे पहले अपनी बीमा कंपनी को तुरंत सूचित करना होता है। इसके बाद बीमा कंपनी का सर्वेयर वाहन का निरीक्षण करता है और रिपोर्ट तैयार करता है। इसी रिपोर्ट के आधार पर ही क्लेम निपटाया जाता है। उन्होंने कार मालिकों को सलाह दी कि बाढ़ में डूबी कार का इंजन चालू न करें और सभी दस्तावेज़ और तस्वीरें संभालकर रखें।
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जिला उपायुक्त ने दिए बाढ़ प्रभावित बीमा दावों के जल्दी निपटारे के निर्देश
जम्मू के उपायुक्त डॉ. राकेश मिन्हास ने बुधवार को बाढ़ और बारिश से प्रभावित व्यवसायों, वाहनों और संपत्तियों के बीमा दावों के त्वरित निपटान के लिए बैठक की। इस बैठक में बीमा कंपनियों और जम्मू चैंबर ऑफ कॉमर्स एवं इंडस्ट्री के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
उपायुक्त ने कहा कि प्रभावित लोगों और व्यापारियों को समय पर राहत दिलाने के लिए सभी संबंधित पक्षों का सामूहिक प्रयास जरूरी है। कई दावेदारों ने नुकसान के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज खो दिए हैं, जिन्हें बीमा प्रक्रिया में ध्यान में रखना चाहिए। बैठक में सभी ने यह सहमति जताई कि जिला प्रशासन प्रभावित व्यक्तियों और बीमा कंपनियों के बीच नजदीकी समन्वय सुनिश्चित करेगा, ताकि दावे जल्दी निपट जाएं। बीमा कंपनियों ने दावों के रजिस्ट्रेशन और ट्रैकिंग के लिए समर्पित संपर्क नंबर और हेल्पलाइन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उपायुक्त ने बीमा कंपनियों, ऑटोमोबाइल डीलरों और सर्विस सेंटरों को बैठक के निर्णय लागू करने के लिए आदेश पत्र भी जारी किया।