ALERT: कश्मीर में फिर बाढ़ का खतरा, पढ़ें खबर
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घाटी में फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। संबंधित विभाग ने जलस्तर बढ़े इलाकों में औपचारिक तौर पर बाढ़ का खतरा घोषित भी कर दिया है। श्रीनगर के साथ-साथ घाटी के अन्य हिस्सों में रविवार सुबह से लगातार हो रही भीषण बारिश के चलते घाटी में झेलम नदी के साथ-साथ अन्य नदी-नालों में जल स्तर काफी बढ़ चुका है और लगातार बढ़ता ही जा रहा है।
इस स्थिति को देखते हुए सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के चीफ इंजीनियर मीर जावेद जाफर ने एक सरकारी बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने नदी, नालों के आसपास और निचले स्तर वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है। इसके अलावा इन इलाकों में विभाग द्वारा औपचारिक तौर पर बाढ़ का खतरा घोषित कर दिया है और लोगों से सतर्कता बरतने को कहा है।
हाल ही में हुई भारी बारिश के बाद अगर फिर से बाढ़ आती है तो कश्मीर की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चरमरा जाएगी। कुछ ही दिनों में शुरू होने वाला पर्यटन सीजन भी इससे प्रभावित हो सकता है।
खतरे के निशान की तरफ झेलम
झेलम के जल स्तर की बात करें तो रात 8 बजे इसका स्तर संगम में 20.60 फीट (बाढ़ की घोषणा 21 फीट पर और खतरे का निशान 23 फीट), राम मुंशीबाग में 17.60 फीट (बाढ़ की घोषणा 18 फीट पर और खतरे का निशान 19 फीट) और अशम में 10.50 फीट (बाढ़ की घोषणा 14 फीट पर और खतरे का निशान 15 फीट) रिकार्ड किया गया।
विभाग द्वारा यह फैसला संगम और राम मुंशीबाग में जल स्तर को बाढ़ की घोषणा वाले निशान के करीब पहुंचने पर लिया गया है। घाटी में लगातार हो रही इस बारिश के चलते कई इलाकों में पानी भर आने की खबरें भी मिल रही हैं, जिससे लोगों को काफी मुश्किलें हो रही हैं। लोगों के अनुसार हलकी सी बारिश होने पर भी ड्रेनेज सिस्टम फेल होने के चलते इलाकों में पानी भर आता है।
मौसम विभाग द्वारा अगले 24 घंटे तक घाटी में बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार मौसम में बुधवार शाम के बाद से ही सुधार देखने को मिल सकता है और बारिशों का सिलसिला भी थमने की संभावना है।