जम्मू-कश्मीर में पांच जवान शहीद: साल की सबसे बड़ी घटना, 2020 में पाकिस्तान ने की थीं ऐसी ही दो नापाक हरकतें
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान पांच जवान शहीद हो गए हैं। इस साल की यह पहली बड़ी घटना है। इससे पहले बीते साल मई में पांच जवान शहीद हुए थे। फिर नवंबर में माछिल सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकियों के खिलाफ शुरू किए गए ऑपरेशन में चार जवान शहीद हुए थे।
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आईबी(अंतरराष्ट्रीय सीमा) और एलओसी(नियंत्रण रेखा) पर संघर्षविराम का उल्लंघन तो नहीं, लेकिन पाकिस्तान आतंकियों को कश्मीर घाटी में घुसपैठ कराने की हर चाल चल रहा है। सीमा पार आतंकी लॉंट पैड सक्रिय हैं। यहीं से रविवार देर रात आतंकी पुंछ के सुरनकोट में दाखिल हुए। आतंकियों से मुठभेड़ में एक जेसीओ(जूनियर कमीशंड ऑफिसर) और चार जवान शहीद हुए हैं।
3 मई, साल 2020, स्थान हंदवाड़ाः सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में पांच जवान शहीद
जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में पांच जवान शहीद हो गए। इसमें सेना की 21-आरआर के कर्नल आशुतोष शर्मा ने भी देश के लिए शहादत दी। कर्नल आशुतोष शर्मा और उनकी टीम के जवानों ने जांबाजी का परिचय देते हुए उस घर में घुसे जिसमें आतंकियों ने लोगों को बंधक बना रखा था। कर्नल का कुशल नेतृत्व और जवानों की जांबाजी के चलते ही बंधक बनाए गए लोगों को वहां से निकालने में सफलता मिली।
7/8 नवंबर, साल 2020, स्थान कुपवाड़ाः घुसपैठ की कोशिश नाकाम, माछिल सेक्टर में चार जवान शहीद
7/8 नवंबर की दरम्यानी रात नियंत्रण रेखा के पास गश्त पार्टी ने संदिग्ध हलचल देखी। जिस पर जवानों ने मोर्चा संभाला और मुठभेड़ शुरू हो गई। सुरक्षाबलों ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया और रात में ही एक आतंकी को मार गिराने में कामयाबी हासिल की। रविवार को दिन में दो और आतंकियों को मार गिराया गया। हालांकि इस ऑपरेशन में एक अफसर और तीन जवान शहीद हो गए।
कुपवाड़ा से होकर कश्मीर में घुसा था सैफुल्ला, सीआरपीएफ टीम पर कई बार किया हमला
पिछले साल 12 अक्तूबर को लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर सैफुल्ला मारा गया। जोकि 2020 की शुरुआत में उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के रास्ते से घुसपैठ कर घाटी में दाखिल हुआ था। वह सुरक्षाबलों पर कई बड़े हमलों की योजना बनाने के साथ-साथ उन्हें अंजाम देने में भी शामिल था। 24 सितंबर 2020 को बडगाम जिले के चडूरा इलाके में सीआरपीएफ पर हमले को अंजाम दिया था। इसमें एक एएसआई शहीद हो हुआ था। इसके अलावा 5 अक्तूबर 2020 को पांपोर के कंडिजाल इलाके में भी सीआरपीएफ के दो जवानों की हत्या में उसका ही हाथ था। वह 14 अगस्त 2020 को नौगाम इलाके में दो पुलिस वालों की हत्या करने वाले समूह का भी हिस्सा था।