एक के जनाजे की, तो दूसरे की सलामती की फिक्र
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पाकिस्तानी गोलाबारी ने लोगों को गहरे जख्म दिए हैं। आंसुओं में डूबे लोग पाक को कोस रहे हैं। गोलाबारी में घायल होकर जीएमसी पहुंचे गांव बसूनी के रमीज राजा के भाई मोहम्मद अजीम ने बताया कि 15 साल का रमीज और उसका छोटा भाई मोहम्मद अमीन अपने खेतों में काम करने गए हुए थे।
तभी पाक गोले बरसने शुरू हो गए। इससे उसके छोटे भाई अमीन की राजोरी में लाते वक्त मौत हो गई। रमीज को लेकर अस्पताल में आ गया। अजीम का कहना है कि वह तीन भाई हैं। खेतों में मेहनत-मजदूरी करते हैं।
एक भाई की गोलाबारी ने जान ले ली, दूसरा मौत से जंग लड़ रहा है। दूसरे भाई को अंतिम बार देखना चाहता हूं, उसके जनाजे में शामिल होना चाहता हूं, लेकिन जो आंखों के सामने हैं, इसको छोड़ कर कैसे चला जाऊं।
घायल भाई को नहीं पता कि उसका भाई मर चुका है
फोटो-फायरिंग में घायल हुआ स्थानीय नागरिक
यही नहीं, घायल रमीज को अभी इसका पता भी नहीं है कि उसका छोटा भाई मर चुका है। हालांकि घायल रमीज बार-बार अपने भाई अमीन के बारे में पूछ रहा था, लेकिन अजीम ने उसे यही कह कर टाल दिया कि उसका भाई ठीक है और राजोरी अस्पताल में भर्ती है। अजीम के पास खाने के लिए पैसे तक नहीं थे। साथ आए ग्रामीणों ने उसे खाना खिलाया।
कंडी इलाकों में इस समय मक्की की फसल लगी हुई है। इसको तैयार करने के लिए किसानों को घास काटने की जरूरत है। इन दिनों किसान घास काट रहे थे, लेकिन गोलाबारी ने खेतों में जाने पर रोक लगा दी है।
किसान अपने खेतों में जाने से कतराने लगे हैं। सितंबर में मक्की की कटाई होनी है। इसकी चिंता अभी से किसानों को लगी हुई है।