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Jammu Kashmir: कठुआ मुठभेड़ में दो-तीन आतंकवादी ढेर, पुलिस के तीन कांस्टेबल बलिदान, डीएसपी व चार जवान घायल

Thu, 27 Mar 2025 10:03 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: अनुज कुमार Updated Thu, 27 Mar 2025 10:03 AM IST
सार

जम्मू के कठुआ में आतंकवादियों और सुरक्षाबों के बीच मुठभेड़ हुई है। कठुआ और बिलावर के पहाड़ी इलाकों के बीच सुरक्षाबलों ने आतंकियों को चौतरफा घेर लिय़ा। गुरुवार को सुबह आठ बजे से जारी गोलीबारी रात आठ बजे थमी।

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Firing took place after some terrorists were seen in Kathua
कठुआ में मुठभेड़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

घुसपैठ कर आए आतंकवादियों को सुरक्षाबलों ने उज्ज दरिया से सटे सुफैन के अंबे नाल में चौतरफा घेर लिया है। वीरवार सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक भीषण गोलीबारी जारी रही। मुठभेड़ में दो-तीन आतंकी ढेर हुए हैं। ड्रोन के जरिये आतंकियों के शव देखे गए हैं। वहीं, जम्मू-कश्मीर पुलिस के तीन सीनियर ग्रेड कांस्टेबल बलिदान हो गए। इनमें तारिक अहमद निवासी रियासी, जसवंत सिंह निवासी लोंडी हीरानगर और बलविंदर सिंह निवासी कान्हा चक शामिल हैं।
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डीएसपी धीरज कटोच व चार जवान गोलीबारी में घायल हुए हैं। सुफैन पोस्ट के प्रभारी हेडकांस्टेबल जगबीर सिंह भी घायल हुए हैं, लेकिन उनका पता नहीं चल पा रहा है। अन्य घायलों में एक पैरा कमांडो का जवान है और दो एसपीओ हैं। पैरा कमांडो को एयरलिफ्ट कर सैन्य अस्पताल पहुंचाया गया है।
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हीरानगर के सन्याल गांव के पास रविवार को मुठभेड़ शुरू होने के बाद घेराबंदी से भाग निकले आतंकी वीरवार को फिर घेरे जा सके। इस बार इन्हें सुरक्षाबलों ने पहाड़ों से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर जाने वाले उज्ज दरिया के किनारे अंबे नाल में घेरकर ऑपरेशन शुरू किया है। यह पांच से दस आतंकियों का ताजा घुसपैठ कर आया दल माना जा रहा है। हालांकि मुठभेड़ में कितने आतंकी घिरे हैं, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।
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बुधवार रात से ही शुरू हो गया था तलाशी अभियान
सूत्रों के अनुसार बुधवार रात दो बजे एसएसपी कठुआ शोभित सक्सेना के नेतृत्व में एसओजी और सीआरपीएफ के दो सौ से ज्यादा जवानों ने इलाके में आतंकियों की तलाश के लिए अभियान शुरू किया। वीरवार को रोशनी की पहली किरण के साथ ही इलाके में आतंकियों की मौजूदगी को सुरक्षाबलों ने भांपते हुए घेराबंदी शुरू कर दी। सुबह आठ बजे आतंकियों से आमना-सामना होते ही गोलीबारी शुरू हो गई।

इतनी भीषण गोलीबारी कि घायलों को निकालने में काफी वक्त लगा
सुबह गोलीबारी शुरू होते ही कुछ जवानों के घायल होने की जानकारी सामने आई। पर, गोलीबारी इतनी भीषण थी कि घायलों को वहां से निकालकर अस्पताल पहुंचाने में काफी वक्त लगा। आतंकी लगातार घायलों की ओर फायर कर रहे थे जिससे उन्हें निकालने में काफी वक्त लगा।

-सुबह करीब 11:15 बजे अखनूर निवासी एसपीओ भरत चलोत्रा को जीएमसी कठुआ में भर्ती कराया गया। भरत के चेहरे पर गोली लगी थी। ऑपरेशन कर गोली निकाल दी गई। शाम पांच बजे हीरानगर के भगवाना चक निवासी एसपीओ हैप्पी शर्मा को जीएमसी कठुआ में उपचार के लिए लाया गया। हैप्पी शर्मा ग्रेनेड हमले में घायल हुए हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जीएमसी जम्मू रेफर कर दिया गया।

-ऑपरेशन की शुरुआत में ही डीएसपी बाॅर्डर धीरज कटोच को भी गोली लगी। उन्हें शाम के समय मुठभेड़ स्थल से बाहर निकाला जा सका। देर शाम उन्हें उपचार के लिए जीएमसी कठुआ में भर्ती कराया गया। 

-बीच में रुक-रुककर हो रही गोलीबारी शाम करीब पांच बजे फिर तेज हो गई। इसमें एक पैरा कमांडो के घायल होने के बाद उन्हें एयरलिफ्ट कर सैन्य अस्पताल ले जाया गया।

ये भी पढ़ें: Alert : 10 आतंकियों की घुसपैठ के बाद पंजाब और जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, तलाशी अभियान तेज

चार एंबुलेंस तैनात...सीएमओ भी मौके पर डटे
मौके पर पहुंचे सीएमओ कठुआ डॉ. विजय राणा ने बताया कि दो घायलों को जीएमसी कठुआ में उपचार दिया गया है। एक पैरा कमांडो को हाथ में चोट लगी है। कुछ और लोगों के भी घायल होने की जानकारी है। लेकिन ऐसा पता चला है कि उन्हें मुठभेड़ वाले क्षेत्र से बाहर नहीं लाया जा सका है। चार एंबुलेंस को मौके पर तैनात रखा गया है।

आईजी, डीआईजी भी ऑपरेशन में शामिल
कठुआ के जुथाना की ओर से घेराबंदी की गई है। बिलावर के धराल्ता और सुंदरीकोट की ओर से भी भागने के रास्तों पर नाकेबंदी की गई है। सुफैन के जंगलों की तरफ भी सुरक्षाबलों की कड़ी घेराबंदी है।


अहम पॉइंट है ये स्थल...कोई चूक नहीं चाहते सुरक्षाबल
अंबे नाल बेहद अहम पॉइंट है। सुरक्षाबल बखूबी जानते हैं कि यहां से आतंकी भागे तो वह पहाड़ों की ओर जा सकते हैं। इससे उन्हें छिपने के कई ठिकाने मिल जाएंगे। भागने के लिए भी कई रूट हो जाएंगे। अगर ऐसा हुआ तो उन्हें ढेर करने में दिक्कतें आएंगी। लिहाजा सुरक्षाबलों की रणनीति सीमित घेरे में ही सभी आतंकियों को ढेर करने की है।

आतंकी जहां से फायरिंग कर रहे थे, वहां ड्रोन से गिराए 20 किग्रा विस्फोटक
आतंकियों के सफाए के लिए हेलिकॉप्टर से निगरानी की जाती रही। शाम ढलने से पहले सुरक्षाबलों ने हमले को और तेज कर दिया। आतंकियों के भागने की आशंकाओं को खत्म करने के लिए ड्रोन का सहारा लिया गया। आतंकी जहां से छिपकर फायरिंग कर रहे थे वहां पर ड्रोन के जरिये करीब 20 किलो विस्फोटक गिराए गए। रात करीब आठ बजे गोलीबारी थमी है। अब सुबह का इंतजार हो रहा है। भारी संख्या में सुरक्षाबल ने मोर्चेबंदी कर रखी है। सुबह होते ही आतंकियों की तलाश तेज की जाएगी।


 
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