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सरकार गिरने पर घाटी में आतिशबाजी, कहा- माउथ पीस बनकर रह गई थीं महबूबा
अमर उजाला ब्यूरो, श्रीनगर
Updated Tue, 19 Jun 2018 11:34 PM IST
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भाजपा-पीडीपी गठबंधन सरकार के गिरने से घाटी के लोग खुश नजर आ रहे हैं। कश्मीर के कई जगह पर आतिशबाजी भी की गई। स्थानीय नागरिक मोहम्मद इमरान ने सरकार गिरने के बाद कहा कि भाजपा पीडीपी सरकार के दौरान हर साल लोगों को समस्याएं आ रही थीं। आम नागरिकों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। महबूबा मुफ्ती अपनी कुर्सी बचाने के लिए अक्सर नई दिल्ली चली जाती थीं। उन्हें कुर्सी का लालच हो गया था। केंद्र ने इससे पहले भी शेख अब्दुल्ला की सरकार को गिरा दिया था। अब दोबारा केंद्र ने अपना फैसला लिया है।
एक अन्य नागरिक ने बताया कि कासो के नाम पर आम जनता को तंग किया जा रहा था। महबूबा मुफ्ती माउथ पीस बनकर रह गई हैं। दिल्ली के इशारों पर काम हो रहा था। सरकार टूट गई, देर आए दुरुस्त आए। अन्य नागरिक ने कहा कि पीडीपी के पास सरकार से समर्थन वापस लेने के कई मौके थे। कठुआ कांड और घाटी में नागरिकों को मारने के मुद्दे पर समर्थन वापस लिया जा सकता था। गठबंधन ही अपवित्र और अप्राकृतिक था। अब लोगों ने राहत की सांस ली है।
गठबंधन टूटने से रशीद खुश
निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद ने गठबंधन सरकार के टूटने का स्वागत किया है। उनके अनुसार केंद्र सरकार ने पहले भी शेख अब्दुल्ला की सरकार को गिराया था। उसके बाद कश्मीर के हालात खराब हुए थे। इस बार का गठबंधन टूटने से लोगों में खुशी का माहौल है।
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एक अन्य नागरिक ने बताया कि कासो के नाम पर आम जनता को तंग किया जा रहा था। महबूबा मुफ्ती माउथ पीस बनकर रह गई हैं। दिल्ली के इशारों पर काम हो रहा था। सरकार टूट गई, देर आए दुरुस्त आए। अन्य नागरिक ने कहा कि पीडीपी के पास सरकार से समर्थन वापस लेने के कई मौके थे। कठुआ कांड और घाटी में नागरिकों को मारने के मुद्दे पर समर्थन वापस लिया जा सकता था। गठबंधन ही अपवित्र और अप्राकृतिक था। अब लोगों ने राहत की सांस ली है।
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गठबंधन टूटने से रशीद खुश
निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद ने गठबंधन सरकार के टूटने का स्वागत किया है। उनके अनुसार केंद्र सरकार ने पहले भी शेख अब्दुल्ला की सरकार को गिराया था। उसके बाद कश्मीर के हालात खराब हुए थे। इस बार का गठबंधन टूटने से लोगों में खुशी का माहौल है।
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