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पुंछ के जंगलों में भीषण आग, वन संपदा को भारी नुकसान की आशंका
ब्यूरो, अमर उजाला/पुंछ
Updated Thu, 29 Dec 2016 11:57 AM IST
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जंगलों में भड़की आग
- फोटो : File Photo
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बुधवार को सुबह तड़के पुंछ नगर के निकटवर्ती क्षेत्रों सलोत्री और कनूइयां के जंगलों में भयंकर आग लग गई। जिसने कई किलो मीटर क्षेत्र में जंगलों को अपनी चपेट में ले लिया है।
इस आग से वन संपदा को भारी नुकसान हुआ है। जंगलों में आग की जानकारी मिलने के बाद देर शाम से वन विभाग के कर्मचारियों ने आग बुझाने के प्रयास शुरू किए, लेकिन अभी तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह सलोत्री के जंगलों के साथ ही कनूइयां टाप के जंगलों में भयंकर आग की लपटें एवं धुआं उठ रहा था। दिन बढ़ने के साथ ही आग के फैलने का क्रम बढ़ता ही गया जोकि दोपहर बाद तक कई किलो मीटर क्षेत्र में फैल चुकी थी। इस आग से वन संपदा विशेष कर चीड़ के पेड़ों और जड़ी बूटियों आदि को भारी नुकसान पहुंचा है। नीचे से लगी आग के कारण सैकड़ों की संख्या में बड़े-बड़े पेड़ जल कर गिरने के समाचार मिले हैं।
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इस आग से वन संपदा को भारी नुकसान हुआ है। जंगलों में आग की जानकारी मिलने के बाद देर शाम से वन विभाग के कर्मचारियों ने आग बुझाने के प्रयास शुरू किए, लेकिन अभी तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह सलोत्री के जंगलों के साथ ही कनूइयां टाप के जंगलों में भयंकर आग की लपटें एवं धुआं उठ रहा था। दिन बढ़ने के साथ ही आग के फैलने का क्रम बढ़ता ही गया जोकि दोपहर बाद तक कई किलो मीटर क्षेत्र में फैल चुकी थी। इस आग से वन संपदा विशेष कर चीड़ के पेड़ों और जड़ी बूटियों आदि को भारी नुकसान पहुंचा है। नीचे से लगी आग के कारण सैकड़ों की संख्या में बड़े-बड़े पेड़ जल कर गिरने के समाचार मिले हैं।
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चीड़ के पेड़ों की वजह से आग बुझाने में दिक्कतें
जंगल में आग
- फोटो : File Photo
इस दौरान आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग के दर्जनों कर्मचारी घटना स्थलों को गए जोकि देर शाम तक भी आग पर काबू नहीं पा सके थे, क्योंकि बड़ी संख्या में चीड़ के पेड़ों वाले इन जंगलों में आग पर काबू पाना काफी कठिन होता है। चीड़ के पेड़ों से गिरे पत्ते एवं पेड़ों से निकलने वाली गोंद तेजी से आग पकड़ लेती है।
उधर इस प्रकार जंगलों में आग लगने की घटना के पीछे स्थानीय लोगों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। क्योंकि पिछले कुछ दिनों से जिले में जंगलों में आग लगने की घटनाओं में भारी बढ़ोतरी हुई है। माना जा रहा है कि जंगलों के आसपास रहने वाले लोग बारिश बरसाने के लिए जंगलों में आग लगाने की घटनाओं को अंजाम देते हैं ताकि मौसम गर्म होने से बादल जल्दी से बरसें।
उधर इस प्रकार जंगलों में आग लगने की घटना के पीछे स्थानीय लोगों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। क्योंकि पिछले कुछ दिनों से जिले में जंगलों में आग लगने की घटनाओं में भारी बढ़ोतरी हुई है। माना जा रहा है कि जंगलों के आसपास रहने वाले लोग बारिश बरसाने के लिए जंगलों में आग लगाने की घटनाओं को अंजाम देते हैं ताकि मौसम गर्म होने से बादल जल्दी से बरसें।