नेपाल में आए भूकंप में जम्मू के पिता-पुत्र की मौत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेपाल में आए भूकंप में सिंबल के लिंक रोड बस्ती के रहने वाले पिता-पुत्र की मौत हो गई। दोनों वहां ढाबा चलाते थे। हादसे की सूचना मिलते ही गांव में सन्नटा पसर गया। जानकारी के अनुसार नेपाल के काठमांडू शहर के सुनधारा क्षेत्र में भीम सिंह टावर के पीछे शेर-ए-पंजाबी और पंजाबी ढाबा नाम से दोनों कई वर्षों से ढाबा चलाते थे।
भूकंप आने पर सुजान सिंह(68) और उनके बेटे परविन्द्र सिंह(30) की मौत हो गई। बताया जाता है कि पिछले 40 वर्षों से सुजान सिंह भाई मंजीत सिंह के साथ वहां होटल चलाते थे। पिछले दिनों सुजान का छोटा भाई मंजीत घर आया था। पिता की मदद करने के लिए परविन्द्र इन दिनों नेपाल गया था।
परविन्द्र की दादी ने बताया कि शनिवार सुबह साढ़े दस बजे के करीब फोन पर अंतिम बार उससे बात हुई थी। तब उसने आने के लिए कहा था।
अनाथ हो गया आठ माह का मासूम
परविन्द्र के चाचा मंजीत सिंह का कहना था कि उनकी दुनिया ही लूट गई है। नेपाल में ढाबा चलाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। किसे पता था कि अचानक यह सब हो जाएगा।
भूकंप के झटके ने सारी खुशियां छीन ली। परिवार के सदस्यों ने बताया कि सोमवार तक दोनों के शव यहां लाए जाने की उम्मीद है। परविन्द्र की एक वर्ष पहले शादी हुई थी।
उसका आठ माह का बेटा हर्षवीर है। परविन्द्र की पत्नी बलविन्द्र कौर का रो-रो कर बुरा हाल है। सुजान की तीन बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है।
आरएस पुरा के विधायक डा. गगन भगत सहित अन्य पार्टियों के नेताओं ने पहुंचकर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।
गोरखा नगर के दो सगे भाई काठमांडू में लापता
नेपाल के काठमांडू में जम्मू के गोरखा नगर के दो सगे भाइयों के लापता होने का मामला सामने आया है। परिवार ने बाहु फोर्ट थाने में इसकी जानकारी दी है। राज्य पुलिस दोनों का पता लगाने के लिए केंद्र से भी संपर्क कर रहा है, लेकिन अभी तक दोनों का कोई अता-पता नहीं।
मां-बाप बेटों की तस्वीरों को अपने सीने से लगाए पल-पल के बाद उनकी जानकारी लेने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। शनिवार को सुबह एक बेटे से बात होने के बाद कोई संपर्क नहीं हुआ। गोरखा नगर के रहने वाले रिखी राम ने बताया कि उनके दो बेटे काठमांडू में रहते हैं।
छोटा बेटा प्रकाश पढ़ाई करने के लिए पांच महीने पहले ही गया था, जबकि बड़ा बेटा भरत तीन साल पहले शादी करके गया था। वह काठमांडू के एक होटल में काम करता है। प्रकाश से शनिवार को सुबह 10 बजे बात हुई थी। उसने खुद फोन किया। इसके बाद से उससे अभी तक बात नहीं हो पाई।
बड़े बेटे से भी पांच दिन पहले ही बात हुई थी। उनकी बहु प्रतिमा और पोता भी नेपाल के एक गांव में रहते हैं, जो सुरक्षित हैं। उनका पता चल गया है, वह राहत शिविर में रुके हुए हैं। रिखी राम की पत्नी पदमा का कहना है कि दोनों बेटों का कोई सुराग नहीं मिल रहा।
एक बेटी और जमाई भी नेपाल में घूमने के लिए गए थे। उनसे बातचीत हो चुकी है। बस चिंता लगी हुई है कि दोनों बेटे सही सलामत हों। रिखी राम गोरखा नगर मंदिर के पुजारी भी हैं। हर कोई उनके बेटों के सही सलामत होने की प्रार्थना कर रहा है।
नेपाल के भूकंप में कश्मीर के दो लोग घायल
नेपाल के काठमांडू में कश्मीर के करीब दो हजार लोग पूरी तरह से सुरक्षित हैं। सिर्फ दो युवकों के घायल होने की सूचना है। उमर और सज्जाद नाम के दोनों युवकों का काठमांडू के टीचिंग अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि श्रीनगर पुलिस द्वारा बनाया गया पुलिस कंट्रोल रूम दिल्ली, श्रीनगर और काठमांडू के कंट्रोल रूम से लगातार संपर्क में है। काठमांडू एयरपोर्ट के विंग कमांडर रवि शर्मा से वहां फंसे हुए लोग संपर्क कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री मुफ्ती ने मृतकों पर जताया शोक
मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने आरएस पुरा के दो लोगों के नेपाल में मारे जाने पर गहरा दुख प्रकट किया है। साथ ही दोनों संभागों के मंडलायुक्तों से कहा कि नेपाल और दिल्ली के साथ लगातार संपर्क में रहें।
नेपाल में रहने वाले रियासत के लोगों को हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया। एयर इंडिया और एयर फोर्स से भी नेपाल में फंसे हुए लोग संपर्क कर सकते हैं। सरकार नेपाल में रहने वाले राज्य के तमाम लोगों को हर तरह की सहायता करेगी।
ये हैं संपर्क नंबर
भूकंप से प्रभावित लोगों की जानकारी के लिए नई दिल्ली के पृथ्वी राज रोड में प्रिंसिपल रेजीडेंट कमिश्नर (जेएंडके) से संपर्क किया जा सकता है। टेलीफोन नंबर 011-2611210, 2611108, 24611108 और 24653913 नंबर हेल्पलाइन के रूप में काम कर रहे हैं। इसके अलावा श्रीनगर पुलिस कंट्रोल रूम में टेलीफोन नंबर 0194-2456600, 2450004 पर भी जानकारी हासिल कर सकते हैं।