जेएनयू मुद्दे को क्यों दी जा रही हवा : फारूक
जम्मू कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस के संरक्षक और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री डा. फारूक अब्दुल्ला ने जेएनयू मामले को विश्वविद्यालय का आंतरिक मसला ठहराते हुए कहा कि इसे प्रबंधन द्वारा सुलझाया जाना चाहिए था।
पत्रकारों और वकीलों पर हुए हमले को लोकतंत्र पर हमला बताया। श्रीनगर में डा. फारूक अब्दुल्ला ने वीरवार को कहा कि जेएनयू का मुद्दा विश्वविद्यालय का अपना मुद्दा था।
अगर विश्वविद्यालय के भीतर कोई मुद्दा खड़ा हुआ था, तो उसे वाइस चांसलर द्वारा हल किया जाना चाहिए था। लेकिन अब यह मामला तूल पकड़ चुका है, एक बड़ा मुद्दा बन गया है।
'सरकार गठन के लिए करनी पड़ती हैं कई बैठकें
इसमें अब पुलिस भी शामिल हो चुकी है, छात्रों की धरपकड़ जारी है, उन्हें ढूंढा जा रहा है। यहां तक कि छात्र संघ अध्यक्ष को भी जेल भेज दिया गया है। आखिर यह हो क्या रहा है क्यों इस मुद्दे को इतना बढ़ाया गया।
भाजपा महासचिव राम माधव की पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के साथ बुधवार को हुई बैठक पर अब्दुल्ला ने कहा कि ऐसी कई बैठक करनी पड़ती हैं।
दोनों पार्टियों को मैंडेट प्राप्त है इसलिए यह सरकार गठन पर विचार विमर्श कर रहे होंगे, लेकिन खुलकर जब कोई बात सामने आएगी तभी कुछ इस बारे में कहा जा सकता है।