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पूरे दो महीने चलनी चाहिए अमरनाथ यात्रा: फारूक
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sat, 16 May 2015 01:30 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा पर पूर्व केंद्रीय मंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि इससे भारत को कुछ हासिल होगा या नहीं, यह चीन और भगवान पर निर्भर है। लंदन से लौटने के बाद पहली बार जम्मू पहुंचे फारूक ने कहा कि चीन की अपनी खुद की नीति है। हम बेहतर संबंध विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं। चीन का दौरा फलदायक होगा या नहीं, इस पर फारूक ने कहा, ‘मोदी की यात्रा की सफलता भगवान और चीनियों पर निर्भर है।’
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पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कांफ्रेंस के प्रधान डा. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि श्री अमरनाथ यात्रा दो माह तक चले। अलगाववादियों की यात्रा में कटौती की मांग को दरकिनार करते हुए डा. फारूक ने कहा कि यह यात्रा सांप्रदायिक सौहार्द से जुड़ी है। रियासत में बड़ी संख्या में आर्थिक तौर पर कमजोर लोगों की जीवनचर्या इसी यात्रा पर निर्भर करती है।
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लिहाजा पारंपरिक तौर पर यात्रा को जारी रखा जाना चाहिए। डा. फारूक ने कहा कि यात्रा की अवधि को लेकर कोई संशय नहीं रहना चाहिए। श्री अमरनाथ यात्रा के साथ लाखों लोगों की आस्था जुड़ी है। इस यात्रा से जम्मू और कश्मीर से एक बड़ी आबादी को आर्थिक तौर पर लाभ मिलता है।
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त्राल में अलगाववादी नेता सईद अली शाह गिलानी ने यात्रियों की सुरक्षा और पर्यावरण के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए अमरनाथ यात्रा को एक माह करने की मांग की थी। डा. फारूक ने घाटी में पंडितों की वापसी के मुद्दे पर कहा कि ऐसा कोई भी फैसला नहीं लिया जाना चाहिए जिससे रियासत खासकर कश्मीर के लोगों के दिमाग में कोई परेशानी पैदा हो।
कश्मीर में पंडित, मुसलिमों और शिक्षकों ने एक साथ रहकर सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखी है, जिसे आगे भी बनाए रखा जाए। चीन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा रिश्तों को मजबूत बनाना है। चीन की अपनी नीतियां हैं। लेकिन भारत का यह बेहतर प्रयास है। प्रधानमंत्री को जेएंडके और अरुणाचल प्रदेश के नागरिकों के लिए नत्थी वीजा को सरल बनाने के मामले को गंभीरता से उठाना चाहिए।