{"_id":"617838eeaa8bb6577d4ce964","slug":"farooq-abdullah-said-not-in-support-of-pakistan-victory-was-celebrated-to-tease-bjp","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब्दुल्ला बोले: पाकिस्तान के समर्थन में नहीं, भाजपा को चिढ़ाने के लिए हुए जश्न, कभी भी फट सकता है ज्वालामुखी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब्दुल्ला बोले: पाकिस्तान के समर्थन में नहीं, भाजपा को चिढ़ाने के लिए हुए जश्न, कभी भी फट सकता है ज्वालामुखी
Wed, 27 Oct 2021 12:28 AM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Wed, 27 Oct 2021 12:28 AM IST
सार
नेकां अध्यक्ष ने कहा कि जो सरकार जनता पर अत्याचार करती है, उसे जाना ही पड़ता है। उन्होंने रामायण और कुरान से उदाहरण देते हुए कहा कि वो वक्त कब आएगा वे कह नहीं सकते, लेकिन लोग संयम रखें। अत्याचार पर ईश्वरीय न्याय जरूर होगा।
विज्ञापन
नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला
- फोटो : बासित जरगर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पूर्व मुख्यमंत्री और (नेकां)नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि टी-20 विश्वकप के मैच में पाकिस्तान की जीत पर जो जश्न मनाए गए, वो पाकिस्तान के समर्थन में नहीं बल्कि भाजपा को चिढ़ाने के लिए थे। यह लोगों की आवाज दबाकर अनुच्छेद-370 हटाने का नतीजा है। यह ज्वालामुखी फटने जैसे हालात हैं, जो आने वाले दिनों में किस रूप और व्यापकता के साथ फटेगा, कहा नहीं जा सकता।
विज्ञापन
एलओसी से सटे पुंछ जिले के दौरे पर डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने सुरनकोट में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि युवा लड़कों और लड़कियों ने भाजपा को साफ संदेश दे दिया है कि आपको जम्मू-कश्मीर को अनुच्छेद 370 लौटाना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री दावा कर रहे हैं कि अनुच्छेद-370 हटाने पर एक गोली भी नहीं चली। वह पूछना चाहते हैं कि जब हर घर के बाहर आप सैनिक खड़े कर देंगे तो ऐसा कैसे मुमकिन था।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- ऑपरेशन भाटादूड़ियां: मुठभेड़ स्थल से हथियार और गोला-बारूद बरामद, आतंकियों तक कैसे पहुंच रही हैं ये चीजें
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान जंग की तैयारी पर अपने बजट का बड़ा हिस्सा खर्च करते हैं। जम्मू-कश्मीर के लोग इसमें सैंडविच बन रहे हैं। ऐसे हालात में गरीब लोग पिस रहे हैं। दोनों मुल्कों की दुश्मनी ही हिंदू और मुसलमान में दरारें पैदा कर रही है।