लोकसभा उपचुनाव के लिए फारूक अब्दुल्ला ने भरा नामांकन, श्रीनगर से लड़ेंगे चुनाव
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श्रीनगर लोकसभा सीट के उपचुनाव के लिए नेकां-कांग्रेस के संयुक्त प्रत्याशी डॉ फारूक अब्दुल्ला ने राज्य की गठबंधन और केंद्र सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं। सोमवार को नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद डॉ फारूक ने कहा, देश में सांप्रदायिकता की आग लगाई जा रही है।
इसके खिलाफ लड़ने के लिए सबका सहयोग बेहद जरूरी है। देश सबका है न कि किसी एक धर्म विशेष का। जब तक यह वतन सबका रहेगा तब तक हम इसके साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि अगर यह नहीं रही तो अल्लाह जाने आगे कौन सा तूफान आने वाला है।
उन्होंने कांग्रेस को भरोसा दिलाया कि नेशनल कांफ्रेंस का एक-एक कार्यकर्ता उन्हें सहयोग देगा। कहा कि न सिर्फ जम्मू कश्मीर को ही बल्कि इस वतन को सांप्रदायिकता की आग से बचाना है। हमारा यह कश्मीर तब तक बच नहीं सकता जब तक पाकिस्तान और हिंदुस्तान के बीच दोस्ती नहीं होगी। इस सबके लिए नेतृत्व को बात करनी होगी।
जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से उम्मीदवार हैं फारूक
कहा कि आज हमारे प्रधानमंत्री को भीख मांगने जाना पड़ता है कि हमारे घर आओ लेकिन उन्हें यह कहना चाहते हैं कि इस दौड़ से कोई बात बनने वाली नहीं। पहले अपना जमीर ठीक करना होगा।
इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए पीडीपी सांसद मुजफ्फर हुसैन बेग ने कहा कि विधानसभा चुनाव में बीरवाह से नजीर ने उमर अब्दुल्ला को कड़ी टक्कर दी थी। नौजवान को इसलिए मौका दिया गया है क्योंकि आने वाला समय नौजवानों का है। पीडीपी प्रत्याशी नजीर अहमद खान ने कहा कि कांग्रेस के टिकट पर बीरवाह में उसे 23 हजार वोट मिले थे। जमीनी स्तर का कार्यकर्ता होने के नाते उम्मीद है कि जनता उन्हें जिताएगी।
यह पूछे जाने पर कि क्या इस बार तारिक हमीद कर्रा की कमी महसूस होगी तो कहा कि उन्होंने मेरी सीट पकड़ी और मैंने उनकी कोई फर्क नहीं पड़ेगा। कहा कि कांग्रेस ने 15 विधान सभा क्षेत्र में 26 हजार के करीब वोट हासिल किए थे जिनमें से 23 हजार उनके थे। जहां तक फारूक अब्दुल्ला का सवाल है तो वह एक बदनाम राजनेता हैं।