जम्मू। कृषि कानूनों के खिलाफ देशव्यापी रेल रोको आंदोलन का असर जम्मू में भी दिखने को मिला। शहर के छन्नी स्थित रेलवे फाटक पर प्रदर्शनकारी किसानों ने दोपहर 12 से 4 बजे तक ट्रेनें रोकीं। इससे जम्मू से जाने और आने वाली आधा दर्जन ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ। संयुक्त मोर्चा के बैनर के आह्वान पर जम्मू-कश्मीर यूनाइटेड किसान फ्रंट ने प्रदर्शन में भाग लिया।
किसानों का रेल रोको आंदोलन काफी प्रभावी रहा। चार घंटे तक जम्मू-उधमपुर रेलवे सेक्शन पर कोई ट्रेन नहीं चली। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली से कटड़ा आने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को बाड़ी ब्राह्मणा से वापस भेजना पड़ा, क्योंकि छन्नी में रेलवे फाटक पर ट्रैक पर किसान बैठे हुए थे। इसके साथ ही मालवा, बेगमपुरा, टाटा मूरी का परिचालन भी प्रभावित रहा है। यह ट्रेनें अपने तय समय से एक दो घंटे की देरी से रवाना हुई। छन्नी रेलवे फाटक पर प्रदर्शनकारी किसानों ने पटरी पर लेट कर प्रदर्शन किया। हाथों में तिरंगे झंडे लिए किसानों ने कहा कि सरकार हमें देश विरोधी कहती है, लेकिन किसान सरकार से ज्यादा वफादार है। किसानों ने कहा कि हमारी एक ही मांग है, तीनों काले कानून वापस लिए जाएं। केंद्र सरकार तानाशाह बन गई है, किसान अपने हक के लिए संघर्ष जारी रखेगा। इस दौरान किसानों के समर्थन में आम लोग भी शामिल हुए। जेएंडके यूनाइटेड किसान फ्रंट के सदस्यों ने कहा कि तीनों कृषि काननू से प्रदेश का किसान भी प्रभावित होगा। सरकार इन कानूनों को रद्द करे।