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Jammu News: बासमती धान की गिरती कीमत से किसान चिंतित
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संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। क्षेत्र के किसानों को बासमती की वाजिब कीमत न मिलने पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसान शक्ति कुमार ने कहा कि बासमती धान लगाना घाटे का सौदा बनता जा रहा है। शुरुआत में दाम बढ़ने से किसान उत्साहित थे। उम्मीद थी कि इस बार किसानों को फायदा होगा। लेकिन, इसके बाद कीमतें गिरने लगीं।
प्रदेश अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन जम्मू-कश्मीर मोहम्मद आरिफ का कहना है कि आरएस पुरा क्षेत्र की बासमती का चावल दुनिया भर में प्रसिद्ध होने के बावजूद किसानों को बेहतर कीमत नहीं मिल पाती। अब किसानों द्वारा किया खर्च भी पूरा नहीं हो रहा। किसान बासमती में तब रुचि दिखाएंगे जब उसका धान कम से कम 7,000 रुपये प्रति क्विंटल बिकेगा। बासमती एक्सपोर्ट फाउंडेशन के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रितेश का कहना है कि ऐसा नहीं है कि बासमती धान का निर्यात नहीं हो रहा। आने वाले समय में जम्मू की बासमती को भी निश्चित तौर पर अच्छे दाम मिलेंगे। जम्मू के बासमती धान का दाना कुछ छोटा रहता है। यह जैविक श्रेणी में आता है। किसानों को अपनी उपज को जैविक प्रमाणित कराना होगा।
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आरएस पुरा। क्षेत्र के किसानों को बासमती की वाजिब कीमत न मिलने पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसान शक्ति कुमार ने कहा कि बासमती धान लगाना घाटे का सौदा बनता जा रहा है। शुरुआत में दाम बढ़ने से किसान उत्साहित थे। उम्मीद थी कि इस बार किसानों को फायदा होगा। लेकिन, इसके बाद कीमतें गिरने लगीं।
प्रदेश अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन जम्मू-कश्मीर मोहम्मद आरिफ का कहना है कि आरएस पुरा क्षेत्र की बासमती का चावल दुनिया भर में प्रसिद्ध होने के बावजूद किसानों को बेहतर कीमत नहीं मिल पाती। अब किसानों द्वारा किया खर्च भी पूरा नहीं हो रहा। किसान बासमती में तब रुचि दिखाएंगे जब उसका धान कम से कम 7,000 रुपये प्रति क्विंटल बिकेगा। बासमती एक्सपोर्ट फाउंडेशन के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रितेश का कहना है कि ऐसा नहीं है कि बासमती धान का निर्यात नहीं हो रहा। आने वाले समय में जम्मू की बासमती को भी निश्चित तौर पर अच्छे दाम मिलेंगे। जम्मू के बासमती धान का दाना कुछ छोटा रहता है। यह जैविक श्रेणी में आता है। किसानों को अपनी उपज को जैविक प्रमाणित कराना होगा।
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