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Jammu News: विधायक के सामने किसान ने दी आत्महत्या की चेतावनी
Thu, 06 Feb 2025 01:59 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Thu, 06 Feb 2025 01:59 AM IST
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आरोप- प्रत्यारोप की भेंट चढ़ा जनता दरबार, ग्रामीणों और सरकारी विभागों के अधिकारियों के बीच हुई तीखी बहस
अरनिया। अरनिया नगरपालिका के नवनिर्मित परिसर में बिश्नाह हलके के विधायक डॉ. राजीव भगत की अध्यक्षता में जनता दरबार आयोजित किया गया। हालांकि, यह आरोप-प्रत्यारोप की भेंट चढ़ गया और ग्रामीणों तथा सरकारी अधिकारियों के बीच तीखी बहस और नोकझोंक देखने को मिली। दो साल से मुआवजे को तरस रहे किसान ने विधायक के सामने आत्महत्या करने की चेतावनी दी।
जनता दरबार में एसडीएम साउथ रफीक अहमद जराल, तहसीलदार अरनिया अमनदीप सिंह, खंड विकास अधिकारी डॉ. विपुल, बीएमओ बिश्नाह डॉ. घनश्याम सिंह सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
गैरहाजिर अधिकारियों पर भड़के विधायक डाॅ. राजीव भगत
जनता दरबार की शुरुआत में सरकारी विभागों की हाजिरी ली गई, जिसमें सीडीपीओ बिश्नाह और एक्सईएन पीडब्ल्यूडी के अनुपस्थित रहने पर विधायक भड़क उठे। जब विकल्प के तौर पर आए अधिकारियों ने बताया कि वे डीसी की बैठक में गए हैं, तो विधायक ने नाराजगी जताते हुए कहा, डीसी, विधायक से बड़ा नहीं है। जनता दरबार ज्यादा जरूरी है। इसके बाद तहसीलदार को निर्देश देकर गैरहाजिर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए।
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बिजली बिलों में हेराफेरी का लगाया आरोप
अरनिया नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष रमेश सैनी ने बिजली बिलों में हेराफेरी का मुद्दा उठाया, जिस पर बिजली विभाग के एक्सईएन ने कहा कि बिल पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड हैं और बिना सबूत के विभाग पर आरोप न लगाएं। उन्होंने कहा कि बिल में गड़बड़ी होने पर सीधे कार्यालय में जाकर समाधान कराया जा सकता है।
दो साल पहले जल गई थी फसल, नहीं मिला मुआवजा
गांव सुहागपुर के किसान विक्रम सिंह ने अपनी समस्या रखते हुए कहा कि दो साल पहले उनकी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई थी, लेकिन पटवारी जावेद ने अब तक उनका मुआवजा मंजूर नहीं करवाया। अन्य किसानों को मुआवजा मिल गया, लेकिन उनकी फरियाद अनसुनी रह गई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द उन्हें मुआवजा नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेंगे। इस पर विधायक और एसडीएम ने राजस्व विभाग को तत्काल संज्ञान लेने का निर्देश दिया।
ग्रामीणों ने उठाए प्रशासनिक लापरवाही के मुद्दे
जनता दरबार में सबसे अधिक मुद्दे कृषि से जुड़े सामने आए। ग्रामीणों का कहना था कि विधायक के निर्देशों के बावजूद अधिकारी काम नहीं कर रहे हैं, जिससे जनता को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा के वरिष्ठ नेता सुनील दत्त शास्त्री ने कहा कि एक महीने पहले विधायक के दौरे में कई छोटे-मोटे कार्यों जैसे श्मशान घाट में बिजली कनेक्शन, पार्क में तिरंगे का बदलाव, स्ट्रीट लाइट की मरम्मत, सफाई व्यवस्था आदि के लिए आदेश दिए गए थे, लेकिन एक भी काम पूरा नहीं हुआ।
विधायक ने दिए तत्काल समाधान के निर्देश
विधायक डॉ. राजीव भगत ने सभी उजागर किए गए मुद्दों को संबंधित विभागों को जल्द से जल्द हल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता दरबार की अगली रिव्यू बैठक में सभी मुद्दों की समीक्षा होगी, और अगर कोई विभाग लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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अरनिया। अरनिया नगरपालिका के नवनिर्मित परिसर में बिश्नाह हलके के विधायक डॉ. राजीव भगत की अध्यक्षता में जनता दरबार आयोजित किया गया। हालांकि, यह आरोप-प्रत्यारोप की भेंट चढ़ गया और ग्रामीणों तथा सरकारी अधिकारियों के बीच तीखी बहस और नोकझोंक देखने को मिली। दो साल से मुआवजे को तरस रहे किसान ने विधायक के सामने आत्महत्या करने की चेतावनी दी।
जनता दरबार में एसडीएम साउथ रफीक अहमद जराल, तहसीलदार अरनिया अमनदीप सिंह, खंड विकास अधिकारी डॉ. विपुल, बीएमओ बिश्नाह डॉ. घनश्याम सिंह सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
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गैरहाजिर अधिकारियों पर भड़के विधायक डाॅ. राजीव भगत
जनता दरबार की शुरुआत में सरकारी विभागों की हाजिरी ली गई, जिसमें सीडीपीओ बिश्नाह और एक्सईएन पीडब्ल्यूडी के अनुपस्थित रहने पर विधायक भड़क उठे। जब विकल्प के तौर पर आए अधिकारियों ने बताया कि वे डीसी की बैठक में गए हैं, तो विधायक ने नाराजगी जताते हुए कहा, डीसी, विधायक से बड़ा नहीं है। जनता दरबार ज्यादा जरूरी है। इसके बाद तहसीलदार को निर्देश देकर गैरहाजिर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए।
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बिजली बिलों में हेराफेरी का लगाया आरोप
अरनिया नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष रमेश सैनी ने बिजली बिलों में हेराफेरी का मुद्दा उठाया, जिस पर बिजली विभाग के एक्सईएन ने कहा कि बिल पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड हैं और बिना सबूत के विभाग पर आरोप न लगाएं। उन्होंने कहा कि बिल में गड़बड़ी होने पर सीधे कार्यालय में जाकर समाधान कराया जा सकता है।
दो साल पहले जल गई थी फसल, नहीं मिला मुआवजा
गांव सुहागपुर के किसान विक्रम सिंह ने अपनी समस्या रखते हुए कहा कि दो साल पहले उनकी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई थी, लेकिन पटवारी जावेद ने अब तक उनका मुआवजा मंजूर नहीं करवाया। अन्य किसानों को मुआवजा मिल गया, लेकिन उनकी फरियाद अनसुनी रह गई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द उन्हें मुआवजा नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेंगे। इस पर विधायक और एसडीएम ने राजस्व विभाग को तत्काल संज्ञान लेने का निर्देश दिया।
ग्रामीणों ने उठाए प्रशासनिक लापरवाही के मुद्दे
जनता दरबार में सबसे अधिक मुद्दे कृषि से जुड़े सामने आए। ग्रामीणों का कहना था कि विधायक के निर्देशों के बावजूद अधिकारी काम नहीं कर रहे हैं, जिससे जनता को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा के वरिष्ठ नेता सुनील दत्त शास्त्री ने कहा कि एक महीने पहले विधायक के दौरे में कई छोटे-मोटे कार्यों जैसे श्मशान घाट में बिजली कनेक्शन, पार्क में तिरंगे का बदलाव, स्ट्रीट लाइट की मरम्मत, सफाई व्यवस्था आदि के लिए आदेश दिए गए थे, लेकिन एक भी काम पूरा नहीं हुआ।
विधायक ने दिए तत्काल समाधान के निर्देश
विधायक डॉ. राजीव भगत ने सभी उजागर किए गए मुद्दों को संबंधित विभागों को जल्द से जल्द हल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता दरबार की अगली रिव्यू बैठक में सभी मुद्दों की समीक्षा होगी, और अगर कोई विभाग लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।