क्षीर भवानी मेले पर लॉकडाउन का असर, लोगों ने किए माता के लाइव दर्शन
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कश्मीरी पंडितों के प्रसिद्ध क्षीर भवानी मेले पर देशव्यापी लॉकडाउन का असर दिखा। शनिवार को क्षीर भवानी मेले के दिन मंदिर में आम लोग नहीं दिखे। मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए सिर्फ पुजारी और मंदिर कमेटी के सदस्य मौजूद रहे। आम लोगों ने घरों में ही मां की पूजा-अर्चना की। क्षीर भवानी मेला ज्येष्ठ अष्टमी को होता है। कश्मीर और जम्मू में इस दिन कश्मीरी पंडित समुदय के लोग माता क्षीर भवानी की पूजा-अर्चना कर सुख-समद्धि की कामना करते हैं।
शनिवार को जम्मू के जानीपुर के भवानी नगर स्थिति क्षीर भवानी मंदिर में आम लोग नहीं पहुंचे। लॉकडाउन का पालन करते हुए लोग घरों में ही रहे और पूजन किया। मंदिर में सुबह और शाम मां की आरती की गई। शाम की आरती का सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण भी किया गया। लोगों ने घरों में रहकर मां के दर्शन किए।
माता क्षीर भवानी वेलफेयर सोसायटी के किरण वातल ने कहा कि भवानी नगर स्थिति क्षीर भवानी मंदिर वैसा ही है जैसा श्रीनगर में है। जो लोग श्रीनगर नहीं जा सकते वे यहां पर पूजा- अर्चना करते हैं।
धर्मार्थ ट्रस्ट ने क्षीर भवानी मंदिर में की पारंपरिक आरती
लॉकडाउन के बीच सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए धर्मार्थ ट्रस्ट के सदस्यों ने ही क्षीर भवानी मंदिर में पूजा-अर्चना की। चंद लोगों की मौजूदगी में मां की आतरी की गई। कोविड-19 को देखते हुए इस वर्ष मेले का आयोजन नहीं किया गया। इस वर्ष मेले के दिन मंदिर में पुजारियों की मौजूदगी में परंपराओं के अनुसार पूजा-पाठ और अनुष्ठान किया गया।
पांच दिवसीय गायत्री यज्ञ आज से
ऑल वर्ल्ड गायत्री परिवर शांतिकुंज हरिद्वार, गायत्री परिवार ट्रस्ट जम्मू और कश्मीर के मार्गदर्शन में गायत्री परिवार 31 मई से प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर पांच सौ से अधिक गायत्री यज्ञ करेगा। वर्तमान स्थिति के मद्देनजर यह यज्ञ एक-एक करके विभिन्न स्थनों पर सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत किए जाएंगे।