अच्छी खबरः कम होगा बिजली का बिल
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विधानसभा चुनाव से पूर्व रियासती अवाम को नेकां-कांग्रेस साझा सरकार एक और राहत देगी। हुकूमत ने बिजली किराया कम करने की कवायद शुरू कर दी है। इस सिलसिले में राज्य बिजली विभाग प्रस्ताव को अंतिम रूप दे रहा है।
लोकसभा चुनाव में सत्ता पक्ष की करारी शिकस्त के बाद नेकां की कार्यकारिणी की बैठक में यह मांग सरकार से की गई थी। राज्य कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु सीमा में बढ़ोतरी के फैसले के बाद ही मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने यह संकेत दिया था।
सूत्रों का कहना है कि राज्य बिजली विभाग ने पहले चरण में बिजली किराये पर लगने वाले 22 फीसदी कर को कम करने का प्रस्ताव बनाया है। इससे बिजली विभाग को सालाना 250 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है।
नेकां की कार्यकारिणी में उठी थी मांग
फिलहाल जम्मू संभाग से विभाग को यह राशि 160 करोड़ और कश्मीर से 100 करोड़ रुपये बिजली किराये के साथ मिल रही है। सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार को कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु सीमा बढ़ाने से आठ सौ करोड़ रुपये का फायदा हुआ है। क्योंकि सरकार पर अगले दो साल तक पेंशन और ग्रेजुएटी का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
बिजली राज्यमंत्री विकार रसूल बनिहाली का कहना है कि अवाम को राहत देने संबंधी विभागीय प्रस्ताव पर पहले मुख्यमंत्री से चर्चा होगी। मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के बाद यह प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा जाएगा।
विकार रसूल का कहना है कि राज्य में बिजली की मांग और आपूर्ति में खासा अंतर है। इसलिए बिजली खरीदने के लिए सरकार ने 3300 करोड़ रुपये बजट में रखे हैं। इसके बावजूद अवाम हित में राज्य सरकार उपभोक्ताओं पर बोझ कम करने को प्राथमिकता दे रही है।