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कश्मीर: नाकाम मोहब्बत ने बना दिया सब्जार को आतंकी सरगना
amarujala.com- Presented by: आशुतोष तिवारी
Updated Wed, 31 May 2017 01:04 AM IST
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आतंकी सब्जार
- फोटो : File Photo
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सब डॉन के नाम से मशहूर सब्जार अहमद भट को मोहब्बत में मिली नाकामी ने खूंखार आतंकी सरगना बना दिया। लड़की के घरवालों द्वारा निकाह की गुजारिश ठुकरा देने के बाद 2015 में वह हिजबुल में शामिल हो गया। इसके लिए उसने एक पुलिसकर्मी की राइफल छीनकर अपनी काबिलियत साबित की थी। अपनी क्रूरता के चलते जल्दी ही वह बुरहान बानी का दाहिना हाथ बन गया।
बताते हैं कि कश्मीर में नफरत फैलाने और हिंसा भड़काने के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल का मूल आइडिया सब्जार का ही था। वह आतंकियों की मुखबिरी करने वालों पर कहर ढाने के लिए भी कुख्यात था।
पुलिस और सुरक्षा बलों पर हुए कई हमलों में भी वह सक्रिय रूप से शामिल रहा। बुरहान गिरोह के जितने भी वीडियो वायरल हुए उनमें से ज्यादातर में सब्जार बुरहान की बगल में ही खड़ा दिख रहा है। सोशल साइट्स पर उसने कई ऐसे ग्रुप बना रखे थे जो सुरक्षा बलों के प्रति लोगों को भड़काने का काम करते थे। बुरहान बानी के जनाजे में भी उसे देखा गया था।
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बताते हैं कि कश्मीर में नफरत फैलाने और हिंसा भड़काने के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल का मूल आइडिया सब्जार का ही था। वह आतंकियों की मुखबिरी करने वालों पर कहर ढाने के लिए भी कुख्यात था।
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पुलिस और सुरक्षा बलों पर हुए कई हमलों में भी वह सक्रिय रूप से शामिल रहा। बुरहान गिरोह के जितने भी वीडियो वायरल हुए उनमें से ज्यादातर में सब्जार बुरहान की बगल में ही खड़ा दिख रहा है। सोशल साइट्स पर उसने कई ऐसे ग्रुप बना रखे थे जो सुरक्षा बलों के प्रति लोगों को भड़काने का काम करते थे। बुरहान बानी के जनाजे में भी उसे देखा गया था।
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कश्मीर घाटी में कमजोर हुआ हिजबुल
sabzar bhat
- फोटो : File Photo
कश्मीर घाटी में शनिवार को त्राल में हुई मुठभेड़ में हिजबुल कमांडर सब्जार अहमद भट्ट के मारे जाने की घटना को सेना की बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है। सब्जार के मरने के बाद घाटी में हिंसा तो बड़े पैमाने पर भड़केगी लेकिन हिजबुल जरूर दिशाविहीन होता नजर आ रहा है।
दरअसल आठ जुलाई को हिजबुल के पोस्टर बॉय बुरहान के मारे जाने के बाद अस्थायी रूप से हिज्ब की कमान कुछ दिनों के लिए सब्जार अहमद भट्ट को सौंपी गई थी। सब्जार ने बुरहान के साथ मिलकर कश्मीर में हिजबुल को नई पहचान दी थी। दक्षिणी कश्मीर के सैकड़ों युवाओं को अपने संगठन में शामिल करने में सब्जार ने बड़ी भूमिका निभाई थी
दरअसल आठ जुलाई को हिजबुल के पोस्टर बॉय बुरहान के मारे जाने के बाद अस्थायी रूप से हिज्ब की कमान कुछ दिनों के लिए सब्जार अहमद भट्ट को सौंपी गई थी। सब्जार ने बुरहान के साथ मिलकर कश्मीर में हिजबुल को नई पहचान दी थी। दक्षिणी कश्मीर के सैकड़ों युवाओं को अपने संगठन में शामिल करने में सब्जार ने बड़ी भूमिका निभाई थी