बस में 15 किलो विस्फोटक मामलाः आखिर कौन थी वह महिला जिसने पहुंचाया 'तबाही का सामान'
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बिलावर से जम्मू में विस्फोटक भेजने वाली महिला और उसके पुरुष साथी का 36 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं लगा है। इन दोनों की तलाश में कई जगह छापे मारे गए हैं। इस बीच मामले की जांच में पुलिस का स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप भी शामिल हो गया है। मामले की जांच बस स्टैंड पुलिस को दे दी गई है। बस स्टैंड पुलिस स्टेशन में इसे लेकर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। 4/5 एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
जानकारी के अनुसार यह केस अब बस स्टैंड पुलिस को दे दिया गया है। बस स्टैंड पुलिस ने अपने स्तर पर मामले की जांच शुरू कर दी है। बस के चालक और सह चालक को छोड़कर बाकी दो लोग अब भी पुलिस की हिरासत में हैं, जिनसे पूछताछ चल रही है। महिला और पुरुष की तलाश में कई जगहों पर छापे मारे गए हैं, लेकिन पता कुछ नहीं चला।
बुधवार को जम्मू की मॉडल अकैडमी के पास बिलावर से जम्मू आने वाली एक निजी बस से 15 किलो विस्फोटक बरामद किया गया था। यह विस्फोटक बिलावर के फिंतर गांव से एक महिला और पुरुष ने बस में रख दिया था।
चालक से कहा गया था कि बैग लेने उसके बच्चे आएंगे
चालक से कहा गया था कि बैग लेने उसके बच्चे आएंगे। बाड़ी ब्राह्मणा के पास बैग बच्चों को देने के लिए कहा गया। इसके लिए चालक को पचास रुपये दिए गए थे। वहीं, बस से बरामद विस्फोटक के भी सैंपल बनाकर एफएसएल को भेजे गए हैं। लेकिन जम्मू कश्मीर एफएसएल के पास भेजे गए हैं या फिर जम्मू से बाहर।
इसके बारे में पुलिस की तरफ से कोई जानकारी नहीं भेजी गई। एसएसपी जम्मू तेजिंदर सिंह का कहना है कि सैंपल बना लिए गए हैं। तय किया जाएगा कि इनको कहां भेजना है। एसएसपी का यह भी कहना है कि अभी बैग देने वाली महिला और पुरुष के बारे कोई जानकारी नहीं मिली है।
शहर में तबाही मचा सकता था विस्फोटक
बस स्टैंड के पास से बरामद विस्फोटक शहर में तबाही मचा सकता था। सूत्रों की मानें तो इस विस्फोटक के कठुआ से जम्मू पहुंचने पर धमाके में इस्तेमाल किया जाना था। इसके हैंडलर शहर में बड़े खून खराबे की कोशिश में थे, लेकिन इससे पहले उनके मंसूबों को नाकाम कर दिया गया। जम्मू सांबा कठुआ रेंज के डीआईजी विवेक गुप्ता का कहना है कि बरामद किया गया विस्फोटक संदिग्ध विस्फोटक है। जिसको जांच के लिए एफएसएल के पास भेजा दिया गया है। अब यह हकीकत में क्या है और कितना प्रभावशाली है, यह रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा।
चेक करने के लिए मोबाइल किट का इस्तेमाल
यूं तो जम्मू कश्मीर पुलिस के पास विस्फोटक चेक करने के लिए कोई पर्याप्त बंदोबस्त नहीं है। लेकिन आईजी जम्मू मुकेश सिंह का कहना है कि बस से बरामद की किए गए विस्फोटक की जांच के लिए हम मोबाइल किट का इस्तेमाल कर सकते हैं।