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पांच सौ लोगों के पांच-पांच लाख रुपये लेकर बैठा है आबकारी विभाग

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Excise department is sitting with five hundred thousand rupees for five hundred people
जम्मू। प्रदेश सरकार की नई आबकारी नीति आशंकाओं में घिरी हुई है। पॉलिसी के तहत बनाए गए नियमों को जमीन पर लागू करने में विभाग पूरी तरह से विफल साबित हो गया है। इसको पूरी तरह से प्रभावी न बनाने के लिए सरकार को करोड़ों रुपये का चूना भी लगा है।
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बेशक सरकार ने नई पॉलिसी से 140 करोड़ रुपये कमाने का दावा किया हो, लेकिन हकीकत यह है कि इसमें से भी सरकार के खाते में अब तक 60 से 80 करोड़ रुपये ही जमा हो पाए हैं। सफल बोली लगाने वाले 30 फीसदी से अधिक लोगों ने बोली के पैसे जमा ही नहीं कराए। यही नहीं, सरकार ने 500 से ज्यादा लोगों के पैसे भी वापस नहीं किए, जो बोली लगाने में सफल नहीं हुए। 850 लोगों ने लाइसेंस लेने के लिए आवेदन किया था। 25000 रुपये पंजीकरण और न्यूनतम बोली लगाने के लिए पांच लाख रुपये ऑनलाइन जमा कराए गए। नियम के तहत यह पैसा एक हफ्ते में वापस करना था, लेकिन यह पैसा अब तक वापस नहीं हुआ है। 500 लोगों के प्रत्येक के पांच लाख रुपये अभी सरकार के पास ही है। वाइन ट्रेड एसोसिएशन के प्रधान चरणजीत सिंह का कहना है कि 16 अप्रैल को बोली लगाने की प्रक्रिया समाप्त हो गई थी। अब तक उन लोगों के पैसे वापस नहीं हुए।
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बड़ी बोली लगाने वालों ने खींचे कदम
सूत्रों का कहना है कि नई पॉलिसी के तहत सफल बोली लगाने वालों में 30 फीसदी लोगों ने अपने कदम पीछे खींच लिए। वह नहीं चाहते कि इतने पैसे देकर शराब की दुकान चलाएं। बेशक इसके लिए उनका पांच लाख रुपये चला जाए तो चला जाए।
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कौन लेगा दुकानदारों का माल
दो सौ से ज्यादा शराब की दुकानों में पहले की शराब की सप्लाई पड़ी हुई है। इनको सिर्फ 30 अप्रैल तक शराब बेचने का अधिकार था। अब इनके पास जो सप्लाई है, वो यह बेच सकेंगे या फिर सरकार इनसे यह माल खरीदेगी, इसका कोई अता पता नहीं है।
140 करोड़ कमाए, 50 करोड़ गंवा दिए
पिछले एक महीने से प्रदेश में शराब की दुकानों पर सिर्फ स्थानीय स्तर के ब्रांड की शराब बिक रही है। जिनका दाम भी बहुत ज्यादा नहीं है। हर महीने सरकार को शराब की बिक्री से करीब सभी शुल्क लगाकर 60 से 90 करोड़ मिलता है। जबकि पिछले एक महीने में कुछेक ब्रांड की शराब बिकने से विभाग के खाते में 50 करोड़ से ज्यादा नहीं आए हैं।

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यह नियम में लिखा होगा कि दुकानदारों से शराब वापस लेनी है या नहीं। जो होगा वो देख लेंगे। लेकिन दुकानदार 30 अप्रैल के बाद शराब नहीं बेच सकेंगे। बाकी नए लाइसेंस लेने वाले प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। कुछ लोग शुरू कर रहे हैं।
-राहुल शर्मा, आयुक्त, आबकारी विभाग
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