सात फीट तक बर्फबारी, रियासत में जीवन अस्त व्यस्त
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जम्मू संभाग के उधमपुर मुख्यालय से कुछ किमी. की दूरी पर शुक्रवार सुबह आठ बजे खैरी स्थान पर पस्सियां गिरने से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया।
पस्सियां क्लीयर करके एक घंटे बाद यातायात को बहाल किया जा सका। एएएसपी हाईवे ट्रैफिक संजय कोतवाल के अनुसार उधमपुर की तरफ आने वाली गाड़ियों को पहले छोड़ा गया।
उसके बाद उधमपुर की गाड़ियों को छोड़ा गया। जवाहर टनल पर सुबह आठ बजे बर्फबारी से फिसलन के कारण रामबन-बनिहाल से घाटी और घाटी से जम्मू की ओर आने वाले वाहनों को तीन घंटे रोका गया।
पत्नीटाप, नत्थाटाप, जुगधार, शिवगढ़ धार, स्योजधार, लाटी की पहाड़ियों पर बर्फबारी हुई। जिला कठुआ के पर्वतीय क्षेत्र मंदी धार, चंडियार, छत्तरगलां, कमलो गलां, ढग्गर, जोड़ेयां पर्वत, संदरून, खद्दर कलोड़ और सटे इलाकों में एक फीट बर्फबारी हुई।
राजोरी जिले के पर्वतीय इलाकों बुद्धल, थन्नामंडी, कोटरंका, दरहाल आदि में चार-पांच इंच बर्फ जमा हुई है। काजीकुंड के पास बर्फबारी से हाईवे बंद रहा।
स्थान बर्फबारी (सेंटीमीटर)
गुलमर्ग 51
काजीकुंड 7.6
कुपवाड़ा 7.0
पहलगाम 5.5
कोकरनाग 2.0
बिजली के ढांचे पर पहुंचा नुकसान
रियासत में शुक्रवार को दूसरे दिन भी बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रहा। मौसम में आए बदलाव से घाटी पूरी तरह से शीत लहर की चपेट में है।
ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में हल्की बर्फबारी के साथ श्री अमरनाथ गुफा के बेस कैंप पहलगाम, विश्व विख्यात स्कीइंग पर्यटक स्थल गुलमर्ग, काजीकुंड, कुपवाड़ा, कोकरनाग सहित कश्मीर के अधिकांश उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी हुई।
बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों में बिजली के ढांचे को नुकसान पहुंचा है। भूस्खलन और बर्फबारी से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग तीन घंटे बाधित रहा।
श्री माता वैष्णो देवी के आधार शिविर कटड़ा में दूसरे दिन भी चापर सेवा बाधित रही। हालांकि खराब मौसम के बीच विमान सेवा पर प्रभाव नहीं पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार अगले चौबीस घंटों में राज्य के तीनों खित्तों में कुछ इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी होगी।