{"_id":"640da47b0f9bd36470097983","slug":"eurasian-beaver-species-seen-in-bhaderwah-neeru-river-research-study-done-for-conservation-2023-03-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"J&K: भद्रवाह के नीरू दरिया में दिखी यूरेशियन ऊदबिलाव की प्रजाति, संरक्षण के लिए हुआ शोध अध्ययन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
J&K: भद्रवाह के नीरू दरिया में दिखी यूरेशियन ऊदबिलाव की प्रजाति, संरक्षण के लिए हुआ शोध अध्ययन
Sun, 12 Mar 2023 04:41 PM IST
kumar गुलशन कुमार
मंगेश कुमार, जम्मू
मंगेश कुमार, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Sun, 12 Mar 2023 04:41 PM IST
सार
यूरेशियन ओटर लुट्रा प्रजाति की भद्रवाह के नीरू दरिया में खोज की गई है। विशेषज्ञ का कहना है कि यह अर्धजलीय स्तनधारी जीव है, जो मांसाहारी है। इसको लेकर शोध पत्र भी प्रकाशित किया गया है।
विज्ञापन
Eurasian otter lutra
- फोटो : इंटरनेट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भद्रवाह के नीरू दरिया में विलुप्त होती ऊदबिलाव (यूरेशियन ओटर लुट्रा) प्रजाति की खोज की गई है। जम्मू विश्वविद्यालय के भद्रवाह कैंपस के माउंटेनियस एनवायनमेंट इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञ डॉ. नीरज शर्मा का कहना है कि इस प्रजाति के संरक्षण के लिए पहली बार प्रदेश भर में शोध अध्ययन किया गया है। कैमरे में इसकी तसवीर कैद की गई है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि टीम ने 2016, 2019 और 2020 में इस लुप्त होती प्रजाति की खोज की। 2021 में भाला स्थित दरिया में इसकी तसवीर खींची गई। फिर लोगों से जानकारी जुटाकर चिनाब में भी इसे ढूंढने की कोशिश की। डॉ. शर्मा ने कहा कि यह चिनाब घाटी के अलावा अन्य कई स्थानों पर भी पाया जा सकता है। इसके लिए शोध की जरूरत है। सरकार को इसके संरक्षण के लिए कोशिश करनी चाहिए, ताकि इस प्रजाति को बचाया जा सके। लद्दाख में भी यूरेशियन ऊदबिलाव मिलने की पुष्टि की गई है।
विज्ञापन
तीन साल के शोध में ऊदबिलाव की 13 प्रजातियों का चला पता
विशेषज्ञ का कहना है कि यह अर्धजलीय स्तनधारी जीव है, जो मांसाहारी है। इसको लेकर उन्होंने शोध पत्र भी प्रकाशित किया है। इसमें बताया गया है कि ऊदबिलाव की 13 प्रजातियां हैं। ऑस्ट्रेलिया और अंटार्कटिका को छोड़कर यह प्रजाति अन्य सभी महाद्वीपों पर पाई जाती हैं। इसका शरीर लंबा, पतला, छोटी बुझाएं, तेज नाखून व जालीदार पांव होते हैं। इस कारण इसेे तैरने में आसानी होती है। शोध के अनुसार ऊदबिलाव की लंबाई 0.6 से 1.8 मीटर और वजन 1 से 45 किलो तक हो सकता है।
विज्ञापन
नीरू दरिया का पानी साफ इसलिए ऊदबिलाव ने ली पनाह
शोधकर्ताओं का कहना है कि नीरू दरिया का पानी अभी दूषित नहीं हुआ है। तभी ऊदबिलाव ने यहां पनाह ली है। दूषित पानी में इसके लिए रहना संभव नहीं। वहीं, उन्होंने कहा कि यह जानवर मछलियां खाता है। मछुआरे पहले इसका शिकार करते थे, लेकिन जब से प्रतिबंध लगा है, तब से इसे बचाने की कोशिश की जा रही है।