कठुआ के साउथ कैंपस में खुलेगा इंजीनियरिंग कालेज
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यूनिवर्सिटी कैंपस और पॉलीटेक्निक के बाद कठुआ जिले को एक और बड़ा शिक्षा संस्थान मिलने जा रहा है। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा रियासत में मंजूर किए गए दो इंजीनियरिंग कालेजों में से एक कठुआ की झोली में आया है।
मंजूरी के तुरंत बाद अब डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट के मुताबिक पैसा मंजूर होने जा रहा है। खास बात है कि यह कालेज जंगलोट में निर्माणाधीन जम्मू विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस परिसर में ही बनने जा रहा है।
इसमें सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इनफारमेशन टेक्नोलॉजी और कैमिकल इंजीनियरिंग की कुल छह स्ट्रीम चलाई जाएंगी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने जम्मू कश्मीर को दो इंजीनियरिंग कालेज मंजूर किए हैं।
जल्द शुरू हो जाएगा कालेज का काम
इनमें से एक कालेज गांदरबल के लिए जबकि दूसरा कठुआ के लिए मंजूर किया गया है। जम्मू संभाग में कठुआ जिला देश के बाकी हिस्सों से निकटतम स्टेशन है। इसी वजह से कठुआ जिले को इंजीनियरिंग कालेज के लिए चुना गया है।
उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि इंजीनियरिंग कालेज के लिए कठुआ के यूनिवर्सिटी कैंपस के भीतर ही 50 कनाल भूमि चिह्नित कर ली गई है। यूनिवर्सिटी कैंपस के पास अपनी कुल साढ़े तीन सौ कनाल भूमि है।
ऐसे में इंजीनियरिंग कालेज के लिए आसानी से भूमि का चयन कर लिया गया है। कालेज की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट जम्मू कश्मीर प्रोजेक्ट्स कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन ने तैयार की है।
26 करोड़ से तैयार होगा कालेज
डीपीआर के अनुसार कुल परियोजना 26 करोड़ रुपये की है जिसे कुछ दिन पूर्व ही मानव संसाधन मंत्रालय के पास भेजा गया है। डीपीआर अध्ययन के साथ ही कालेज निर्माण के मद में राशि जारी हो सकती है।
फिलहाल कालेज का पहला सत्र कब शुरू होगा इस बाबत अवधि निर्धारित नहीं की गई है। वहीं इस बाबत पूछे जाने पर कठुआ विधायक चरणजीत सिंह ने बताया कि यूनिवर्सिटी कैंपस में पचास कनाल भूमि को चिह्नित कर डीपीआर जानकारी भेजी गई है।
केंद्र सरकार ने कालेज मंजूर तो कर लिया है लेकिन डीपीआर अध्ययन के बाद ही ढांचागत निर्माण के मद में राशि जारी की जाएगी।