राज सिंह गहलोत का जुगाड़: 128 करोड़ रुपये में 289 करोड़ रुपये की राशि का निपटारा, ईडी कर रही जांच
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि इस राशि को लेकर मनी लांड्रिंग से तार जुड़े हुए थे। ईडी इस मामले में गहलोत से पूछेगी कि किस तरह से जम्मू-कश्मीर बैंक ने 128 करोड़ रुपये में 289 करोड़ रुपये की राशि का निपटारा किया।
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एक अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान यह पाया गया कि गहलोत ने ऋण राशि को धोखाधड़ी से निकाला। 469 करोड़ रुपये की राशि को गहलोत द्वारा नियंत्रित संस्थाओं और व्यक्तियों को हस्तांतरित किया गया था। जांच के दौरान गहलोत ने ईडी को गुमराह किया था। साथ ही यह दिखाने की कोशिश की थी कि उसने मंजूर किए गए कर्ज का कोई डायवर्जन नहीं किया है।
अधिकारी ने कहा कि इसके अलावा, 289.28 करोड़ रुपये की बकाया देनदारी के खिलाफ बैंक अधिकारियों ने 128.94 करोड़ रुपये की मामूली राशि के लिए आरोपी के साथ खाते को निपटाने का प्रयास किया। ईडी गहलोत से पूछताछ करेगी कि उसने बैंक को 289.28 करोड़ रुपये के कर्ज को 128.94 करोड़ रुपये में कैसे निपटाया और इससे लाभान्वित होने वाले सभी लोग कौन थे। ईडी ने अमन हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड (एएचपीएल) को स्वीकृत ऋण के संबंध में जम्मू-कश्मीर बैंक के अधिकारियों और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, जम्मू और कश्मीर पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था।
ईडी ने कहा कि एएचपीएल ने जम्मू-कश्मीर बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के एक संघ से 810 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। अधिकारी ने कहा कि नई दिल्ली के शाहदरा स्थित सीबीडी में एक पांच सितारा होटल के निर्माण और विकास के उद्देश्य से ऋण स्वीकृत किया गया था।
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